पंजाब की भगवंत मान सरकार राज्य में आम लोगों को बेहतर और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में वित्त और परिवहन मंत्री हर्पाल सिंह चीमा ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बसों की संख्या बढ़ाने जा रही है। इस योजना के तहत Pepsu Road Transport Corporation यानी PRTC में 659 नई बसें और PUNBUS में 606 बसें शामिल की जाएंगी। इस फैसले से राज्य के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

किलोमीटर स्कीम के तहत रोजगार और सुविधा का विस्तार
हर्पाल सिंह चीमा ने बताया कि हाल ही में किलोमीटर स्कीम के तहत 250 बसों को पहले ही फ्लीट में शामिल किया जा चुका है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पंजाब के लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर देना है। इस स्कीम के तहत निजी बस मालिकों को अपने वाहनों को सरकारी मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार तैयार करने की अनुमति दी जाती है। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था में सुधार हो रहा है बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से भी फायदा मिल रहा है। यह पहल सरकार की रोजगार और विकास दोनों लक्ष्यों को एक साथ पूरा करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
PRTC और PUNBUS के लिए बस खरीद प्रक्रिया जारी
सरकार केवल किलोमीटर स्कीम तक सीमित नहीं है बल्कि परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण पर भी जोर दे रही है। PRTC के लिए 100 मिनी बसों और 309 स्टैंडर्ड बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया फिलहाल जारी है। वहीं PUNBUS के लिए 606 बसों का एक विस्तृत प्लान तैयार किया गया है जिसमें 387 बसें सीधे सामान्य फ्लीट में शामिल की जाएंगी। इससे विभिन्न रूटों पर बढ़ती मांग को तुरंत पूरा किया जा सकेगा। बाकी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत जोड़ा जाएगा जिससे ऑपरेशन और रूट कवरेज दोनों में सुधार होगा।
कनेक्टिविटी और राज्य की आय में होगा इजाफा
हर्पाल सिंह चीमा ने कहा कि यह ऐतिहासिक विस्तार पंजाब में कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को ज्यादा आरामदायक और भरोसेमंद यात्रा सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि निजी बस मालिकों को इस योजना से जुड़ने का मौका मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य की आय में भी वृद्धि होगी और परिवहन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। यह कदम पंजाब को आधुनिक और सशक्त परिवहन प्रणाली की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।








