
पालघर, 12 जून:
राज्य में गैर-मराठी ऑटो, टैक्सी, ओला, उबर और रैपिडो चालकों के बीच मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा यात्रियों के साथ उनके बेहतर व व्यावहारिक संवाद को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग और राज्य मराठी विकास संस्था ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। इसके तहत महाराष्ट्र सरकार के परिवहन विभाग, राज्य मराठी विकास संस्था, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के संयुक्त तत्वावधान में राज्यभर में गैर-मराठी वाहन चालकों के लिए 1 जून 2026 से 15 अगस्त 2026 तक विशेष ‘मराठी भाषा कार्यशाला’ का आयोजन किया जा रहा है।
4 घंटे की क्लास और प्रमाणपत्र अनिवार्य
इस अभियान के तहत सभी संबंधित गैर-मराठी चालकों के लिए कम से कम 4 घंटे की क्लास (तासिका) पूरी करना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चालकों को परिवहन विभाग की ओर से एक आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। सभी चालकों के लिए इस प्रमाणपत्र को अपने पास रखना अनिवार्य होगा।
परिवहन मंत्री (महाराष्ट्र राज्य) के अनुसार:
“वाहन चालकों का जनता से रोजाना सीधा संपर्क होता है। इसे ध्यान में रखते हुए, उनके भाषाई कौशल को बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषा के प्रति उचित सम्मान बनाए रखने में यह कार्यशाला बेहद प्रभावी साबित होगी।”
पालघर में 12 केंद्रों पर शुरुआत, आरटीओ की अपील
पालघर जिले में अब तक कुल 12 केंद्रों पर यह मराठी भाषा कार्यशाला शुरू की जा चुकी है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) वसई ने अपील की है कि जिले के सभी गैर-मराठी ऑटो, टैक्सी, ओला, उबर और रैपिडो चालक अपनी सुविधानुसार नजदीकी केंद्र पर जाकर इस कार्यशाला में हिस्सा लें और अपना प्रमाणपत्र प्राप्त करें।
साथ ही, वसई आरटीओ ने पालघर जिले के सभी पंजीकृत ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक/मालिक संगठनों से भी यह आह्वान किया है कि वे अपने गैर-मराठी सदस्यों को इस कार्यशाला में शामिल होने और प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करें।






