प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में जांच तेज कर दी है। इस मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के सीएमडी बसंत गर्ग, निदेशक (वाणिज्यिक) हरशरण कौर त्रेहन समेत कई लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। इसके साथ ही गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा के दो कथित सहयोगियों को भी जांच के दायरे में लाया गया है। एजेंसी ने सभी को 18 मई से दिल्ली में पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

PMLA के तहत समन. करोड़ों की GST धोखाधड़ी से जुड़ा मामला
अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत की जा रही है। जांच का केंद्र एक कथित 100 करोड़ रुपये के GST धोखाधड़ी मामला है, जिसमें पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोप है कि मोबाइल फोन बिक्री के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया और धन को अलग-अलग माध्यमों से घुमाया गया। इस केस में लुधियाना की फिनडोक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के हेमंत सूद और जालंधर के कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल का नाम भी सामने आया है। दोनों से ईडी अब गहराई से पूछताछ कर रही है।
कोर्ट ने बढ़ाई हिरासत अवधि. जांच एजेंसी को मिली अतिरिक्त समय
गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी हिरासत को दो दिन और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले उन्हें सात दिन की हिरासत के बाद अदालत में पेश किया गया था। ईडी ने अदालत से पांच दिन की और रिमांड की मांग की थी, ताकि मुखौटा कंपनियों के जरिए हुए पैसों के लेन-देन की पूरी जांच की जा सके। एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कई बेनामी संपत्तियों और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जांच अभी बाकी है। अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद सीमित अवधि के लिए हिरासत बढ़ाने की अनुमति दी।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला. मंत्री ने गिरफ्तारी को दी चुनौती
इस बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है क्योंकि आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के नेता और मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। उनका कहना है कि ईडी की कार्रवाई गलत तरीके से की गई है और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। वहीं ईडी का दावा है कि जांच में कई अहम सबूत मिले हैं और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी लगातार दस्तावेज और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है।








