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पालघर पुलिस का ‘झारखंड टू धनबाद’ महा-ऑपरेशन: DM साहिबा के नाम पर ठगे थे 50 हजार, पुलिस ने पाताल से ढूंढ निकाले शातिर ठग!

On: Saturday, June 13, 2026 9:29 AM
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महिला कलेक्टर की फोटो लगाकर ठगे थे ₹50,000; पुलिस ने रिकवर की 100% रकम।

व्हाट्सएप डीपी (DP) का खेल पड़ा भारी, झारखंड के धनबाद से दबोचे गए दो जालसाज।

पालघर पुलिस की ‘साइबर विंग’ का धमाकेदार एक्शन, ठगों के उड़ गए होश।

पालघर ब्यूरो:
सावधान! अगर आपके व्हाट्सएप पर किसी बड़े अधिकारी या नेता की तस्वीर लगी हो और वो आपसे तुरंत पैसों की मांग करे, तो भावुक मत होइए, बल्कि सतर्क हो जाइए। पालघर में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां खुद जिले की जिलाधिकारी (DM) बनकर शातिर ठगों ने एक युवक को चूना लगा दिया। लेकिन ठग शायद यह भूल गए कि पालघर पुलिस की नजर से बचना नामुमकिन है। पुलिस ने न सिर्फ झारखंड में घुसकर दोनों आरोपियों को दबोचा, बल्कि ठगी गई पाई-पाई (100% रकम) वापस बरामद कर ली है।

क्या था पूरा मामला?
यह पूरा खेल 16 मई 2026 की शाम को शुरू हुआ। पालघर (पश्चिम) के दामूळसार के रहने वाले 28 वर्षीय विनीतकुमार मुंशीलाल मीणा अपने घर पर आराम कर रहे थे। तभी शाम करीब 4:41 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आता है। मैसेज भेजने वाले ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) पर पालघर की जिलाधिकारी (DM) ‘श्रीमती इंदु रानी जाखड़’ की तस्वीर लगा रखी थी।
खुद को कलेक्टर साहिबा बताते हुए उस अज्ञात ठग ने विनीत का भरोसा जीता और एक बैंक अकाउंट नंबर भेजकर ‘अर्जेंट’ 50,000 रुपये ट्रांसफर करने को कहा। विनीत को लगा कि मामला कलेक्टर मैडम से जुड़ा है, इसलिए उन्होंने बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन शाम 6:28 बजे तक जब उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बहुत बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस ने बिछाया जाल, झारखंड में हुआ ‘द एंड’

ठगी का शिकार होने के बाद विनीत ने तुरंत साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने नए कानून (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पालघर पुलिस की टेक्निकल टीम ने जब बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर्स का ‘पोस्टमार्टम’ (तकनीकी विश्लेषण) किया, तो ठगों की लोकेशन सीधे झारखंड के धनबाद में मिली। इसके बाद पालघर पुलिस की एक जांबाज टीम ने धनबाद में छापेमारी कर दो

शातिर अपराधियों को धर दबोचा:

  1. बलवंतकुमार कमलप्रसाद मंडल (उम्र 26 वर्ष, निवासी- मनोरमनगर, धनबाद)
  2. राजकुमार दुखन रवानी (उम्र 32 वर्ष, निवासी- गोविंदपुर, धनबाद) 100% रिकवरी: पुलिस की बड़ी कामयाबी
    अक्सर साइबर क्राइम के मामलों में पैसे वापस मिलना मुश्किल होता है, लेकिन पालघर पुलिस ने इस मामले में कमाल कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगे गए पूरे 50,000 रुपये बरामद कर लिए हैं। इन जांबाजों ने किया कमाल

इस पूरे ऑपरेशन को पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री यतिश देशमुख और अपर पुलिस अधीक्षक श्री विनायक नरळे के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। स्थानीय अपराध शाखा (LCB) के चीफ और साइबर सेल के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटिल के नेतृत्व में पीएसआई समीर भोसले, रोहित खोत, विशाल पिंके, राजेश वाघ और उनकी पूरी टीम ने इस केस को महज कुछ ही दिनों में सुलझाकर यह साबित कर दिया कि अपराधियों की जगह सिर्फ और सिर्फ जेल में है।

पालघर पुलिस की अपील: कभी भी किसी अनजान नंबर से आने वाले ऐसे मैसेज पर भरोसा न करें, भले ही उस पर किसी वीआईपी (VIP) की फोटो क्यों न लगी हो। पैसे भेजने से पहले कॉल करके पुष्टि जरूर करें।

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