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डहाणू में आश्रम स्कूल के छात्रावास में भीषण आग; 200 छात्रों का भविष्य संकट में, सारा सामान जलकर खाक

By Neha
On: Friday, March 6, 2026 2:23 PM
डहाणू में आश्रम स्कूल के छात्रावास में भीषण आग; 200 छात्रों का भविष्य संकट में, सारा सामान जलकर खाक
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डहाणू | खबरदीप जनमंच संवाददाता: पालघर जिले के डहाणू अंतर्गत ‘कांदरवाडी सूर्यानगर‘ स्थित शासकीय आश्रम स्कूल के छात्रावास में आज शाम भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। डहाणू एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के तहत संचालित इस हॉस्टल में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयावह हादसे में करीब 200 आदिवासी छात्रों के कपड़े, बिस्तर और साल भर का शैक्षणिक साहित्य जलकर पूरी तरह राख हो गया है। हालांकि, समय रहते सुरक्षित निकासी के कारण एक बड़ा अनर्थ टल गया।

शाम पौने पांच बजे मची अफरा-तफरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना आज शाम करीब 4:45 बजे की है। जब छात्र अपनी दैनिक गतिविधियों में व्यस्त थे, तभी हॉस्टल की इमारत से धुएं के गुबार और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हॉस्टल में उस समय 200 से अधिक छात्र मौजूद थे, जिन्हें आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकाला गया।

छात्रों का भारी नुकसान: किताबें और कपड़े स्वाहा

आग इतनी भीषण थी कि छात्रों को अपना सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। इस अग्निकांड में छात्रों के:

  • . शैक्षणिक साहित्य (किताबें, कापियां और स्टेशनरी)
  • . स्कूल यूनिफॉर्म और निजी कपड़े
  • . गद्दे, चादर और रहने का अन्य जरूरी सामान

पूरी तरह जलकर कोयला हो गए हैं। अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत की कमाई और पढ़ाई का सामान जलता देख कई छात्र सहम गए हैं।

दमकल और स्थानीय नागरिकों का साहसिक प्रयास

आग की सूचना मिलते ही डहाणू नगर परिषद के दमकल विभाग की टीम और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। समय रहते बचाव कार्य शुरू होने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्रशासनिक रुख: मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन

घटना की गंभीरता को देखते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। विशाल खत्री (परियोजना अधिकारी, डहाणू एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना) ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा:

“यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन छात्रों के सामान का नुकसान हुआ है, उन्हें सरकारी सहायता दिलाने के लिए तुरंत आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। फिलहाल छात्रों की सुविधा के लिए उन्हें दो दिनों के लिए अस्थाई रूप से दूसरे छात्रावास में स्थानांतरित किया जा रहा है।”

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी आश्रम स्कूलों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने मांग की है कि सभी सरकारी इमारतों का तत्काल ‘फायर ऑडिट’ कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मासूमों की जान जोखिम में न पड़े।

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