भारत में दवाइयों की बढ़ती कीमतें आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही हैं। अक्सर मरीज डॉक्टर की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर पर पहुंचते हैं और दवाओं की कीमत सुनकर हैरान रह जाते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि योजना एक बड़ी राहत के रूप में सामने आई है। इस योजना के तहत लोगों को सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। खास बात यह है कि इस योजना के जरिए कोई भी व्यक्ति कम निवेश में अपना जनऔषधि केंद्र खोलकर रोजगार भी शुरू कर सकता है और समाज की सेवा भी कर सकता है।

फार्मेसी की पढ़ाई जरूरी लेकिन बिना डिग्री भी खुल सकता है स्टोर
जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए फार्मेसी से जुड़ी योग्यता को प्राथमिकता दी जाती है। यदि आपके पास B.Pharma या D.Pharma की डिग्री है, तो आप खुद इस स्टोर को संचालित कर सकते हैं। लेकिन यदि आपके पास यह योग्यता नहीं है, तब भी आप पीछे नहीं हैं। ऐसे में आप एक योग्य फार्मासिस्ट को नियुक्त कर सकते हैं, जो राज्य फार्मेसी काउंसिल में रजिस्टर्ड हो। आवेदन के समय या अंतिम मंजूरी के दौरान फार्मासिस्ट का प्रमाणपत्र जरूरी होता है। इस व्यवस्था के कारण ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ सकते हैं।
कम जगह और आसान शर्तों में शुरू हो सकता है जनऔषधि केंद्र
जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए बहुत बड़ी जगह की आवश्यकता नहीं होती। करीब 120 वर्ग फुट की साफ-सुथरी जगह पर्याप्त होती है, जो आपकी अपनी या किराए की हो सकती है। दवाइयों के सही स्टोरेज के लिए साफ-सफाई बेहद जरूरी है। इसके अलावा रिटेल ड्रग लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है, क्योंकि बिना लाइसेंस के दवाइयों की बिक्री नहीं की जा सकती। साथ ही कंप्यूटर और बेसिक सॉफ्टवेयर की जानकारी भी जरूरी है, ताकि बिलिंग और रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जा सके। ये सभी शर्तें सरल हैं, जिससे छोटे निवेशक भी आसानी से इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।
कम निवेश में अच्छा मुनाफा और सरकारी सहायता का लाभ
जनऔषधि केंद्र खोलने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लागत कम और मुनाफा अच्छा होता है। सरकार इस योजना के तहत करीब 2.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी देती है। दवाइयों की बिक्री पर 20 प्रतिशत से ज्यादा का मार्जिन मिलता है, जिससे अच्छी कमाई हो सकती है। इसके अलावा मासिक बिक्री के आधार पर 10 से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाता है। जेनेरिक दवाइयां ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं, इसलिए ग्राहकों की संख्या भी अधिक रहती है और बिक्री लगातार बनी रहती है। इच्छुक उम्मीदवार janaushadhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद मंजूरी दी जाती है।








