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UNSC एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत का पलटवार, पाकिस्तान पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप

By Neha
On: Wednesday, June 24, 2026 10:22 AM
UNSC एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत का पलटवार, पाकिस्तान पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर तीखी कूटनीतिक नोकझोंक देखने को मिली। भारत ने पाकिस्तान की टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है।

बैठक के दौरान भारत ने न केवल अपने पारंपरिक रुख को दोहराया, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के मंच के राजनीतिक उपयोग पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।

पाकिस्तान पर मंच के दुरुपयोग का आरोप

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बैठक के सह-अध्यक्षों में शामिल पाकिस्तान ने अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जिस विषय पर चर्चा हो रही थी, उससे असंबंधित तरीके से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाना बैठक के उद्देश्य के अनुरूप नहीं था।

भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग रचनात्मक संवाद के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रचार के लिए।

जम्मू-कश्मीर पर भारत का स्पष्ट संदेश

भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले भी भारत का हिस्सा था, आज भी है और भविष्य में भी भारत का अभिन्न अंग बना रहेगा। भारतीय प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और यह पूरी तरह देश का आंतरिक मामला है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान लगातार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश करता रहा है।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर भारत का जोर

बैठक में भारत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्टर VI और चैप्टर VII के महत्व पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। भारत ने कहा कि दोनों अध्यायों का उद्देश्य और उपयोग अलग-अलग परिस्थितियों में होता है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की आवश्यकताओं के अनुसार लागू किया जाता है।

भारत ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी वैश्विक संकट या संघर्ष की स्थिति में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका निष्पक्ष और प्रभावी होनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने की जरूरत

भारत ने चैप्टर VII का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान प्रदान करता है। इसके तहत गंभीर परिस्थितियों में सुरक्षा परिषद आवश्यक कदम उठा सकती है, जिनमें प्रतिबंध, शांति स्थापना मिशन और अन्य उपाय शामिल हैं।

हरीश पर्वतनेनी ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक परिस्थितियों में समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं और वैश्विक शांति प्रभावित हो सकती है।

कूटनीतिक मंच पर भारत का मजबूत संदेश

UNSC की इस बैठक ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि भारत जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप या बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं करता। भारत का रुख लगातार यही रहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका आंतरिक विषय है और इस पर किसी भी तरह की चर्चा का अधिकार केवल भारत को है।

कूटनीतिक स्तर पर भारत का यह बयान न केवल पाकिस्तान को जवाब था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी स्थिति को एक बार फिर मजबूती से रखने का प्रयास भी था।

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