पालघर | खबरदीप जनमंच विशेष
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पालघर जिले में जारी ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ (SIR) कार्यक्रम के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की कार्यप्रणाली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कार्य में लापरवाही, पक्षपात या राजनीतिक दबाव में काम करने वाले अधिकारियों पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।
क्या है जिले की वर्तमान स्थिति?
जिले में 30 जून 2026 से यह अभियान चल रहा है। अब तक कुल 27.65% ईएफ (EF) फॉर्म वितरण का कार्य पूरा हुआ है। निर्वाचन क्षेत्रवार स्थिति पर नज़र डालें तो:
- विक्रमगढ़: 88% (अग्रणी)
- पालघर: 61%
- डहाणू: 39%
- वसई, नालासोपारा और बोईसर: क्रमशः 7%, 2% और 8%।
प्रशासन के अनुसार, पिछले 8-10 दिनों में हुई भारी वर्षा और जलभराव के कारण इन तीन क्षेत्रों (वसई, नालासोपारा, बोईसर) में काम की गति धीमी रही है। - शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त
हाल ही में प्रशासन को कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें आरोप लगाया गया कि कुछ BLO द्वारा स्कूलों या सार्वजनिक स्थानों पर कैंप लगाकर फॉर्म स्वीकार किए जा रहे हैं। साथ ही, कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों के दबाव में कार्य किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।
BLO के लिए प्रशासन की गाइडलाइंस
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- पूर्णतः निष्पक्षता: कोई भी कार्य भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के दायरे में ही होना चाहिए। किसी राजनीतिक दल के कैंप या जनप्रतिनिधियों के व्यक्तिगत निर्देश पर काम करना वर्जित है।
- डोर-टू-डोर सर्वे: BLO को अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर सर्वे करना है, फॉर्म वितरित करने हैं और उनका सत्यापन करना है।
- जवाबदेही: काम में किसी भी प्रकार की ढिलाई, कामचोरी या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- समावेशिता: यह सुनिश्चित करना BLO की जिम्मेदारी है कि जिले का कोई भी पात्र मतदाता इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।
- प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी ने जिले के नागरिकों, सभी राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) से आह्वान किया है कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रशासन का सहयोग करें।
पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इस दिशा में कोई भी चूक गंभीर मानी जाएगी।






