पुणे: राज्य के पशुपालकों, भेड़-बकरी पालकों, मुर्गी पालकों और सूअर पालकों को आर्थिक आधार देने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से *’पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC)* अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत पशुपालकों को उनके पशुओं के रखरखाव और दैनिक खर्च (कार्यशील पूंजी) के लिए आकर्षक ब्याज छूट के साथ ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऋण की मुख्य विशेषताएं:
- बिना गारंटी ऋण: जिन पशुपालकों के पास पहले से किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है, उन्हें ₹1.60 लाख तक का ऋण बिना किसी गारंटी के दिया जाएगा।
- ऋण सीमा में वृद्धि: यदि दुग्ध संस्था (डेयरी) गारंटी देती है, तो यह सीमा ₹3 लाख तक बढ़ाई जा सकती है।
- मौजूदा कार्डधारक: जिनके पास पहले से खेती का किसान क्रेडिट कार्ड है, उनकी क्रेडिट लिमिट में पशुपालन के लिए ₹3 लाख तक की वृद्धि की जा सकती है।
ब्याज दर और छूट:
ऋण की मूल ब्याज दर 9% है, लेकिन समय पर पुनर्भुगतान (Repayment) करने वाले किसानों को निम्नलिखित छूट मिलती है:
1. केंद्र सरकार की ओर से: 3% ब्याज छूट।
2. राज्य सरकार की ओर से (11 फरवरी 2024 के निर्णय अनुसार): 4% ब्याज छूट।
3. बैंक द्वारा प्रोत्साहन: 2% की अतिरिक्त छूट।
विशेष लाभ: इस प्रकार, कुल *9% की छूट* मिलने के कारण, समय पर कर्ज चुकाने वाले पशुपालकों को यह ऋण 0% (शून्य प्रतिशत) ब्याज दर पर उपलब्ध हो सकता है।
पशुपालन विभाग ने वर्ष 2024-25 से ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ के तहत राज्य के 10 लाख पात्र पशुपालकों को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय या हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क करें।
पात्रता और शर्तें:
1. आवेदक ने केंद्र/राज्य शासन या जिला परिषद की किसी अन्य अनुदान योजना का लाभ न लिया हो।
2. पशुधन परियोजना के सभी पशुओं का NDLM (भारत पशुधन) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।
3. ब्याज छूट का लाभ उन पशुपालकों को मिलेगा जिनके पास पशुओं की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर है:
- 25,000 मांसल मुर्गी (Broilers) / 50,000 या उससे कम अंडा उत्पादक मुर्गियां (Layers)।
- 45,000 या उससे कम क्षमता वाली हैचरी यूनिट।
- 200 या उससे कम दुधारू पशुओं का तबेला।
- 500 या उससे कम भेड़/बकरी पालन।
- 200 या उससे कम सूअर पालन।
4. पशुपालकों को ऋण लेने की तारीख से एक वर्ष के भीतर पूरा कर्ज चुकाना अनिवार्य होगा।
5. योजना के मानदंडों और समय-समय पर होने वाले बदलावों के अनुसार आवश्यक शर्तों को पूरा करना लाभार्थी के लिए अनिवार्य होगा।
अपील:
“पशुपालन के लिए आर्थिक तंगी न आए और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा मिले, इसके लिए अधिक से अधिक पात्र पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या दुग्ध संस्था से संपर्क कर इस योजना का लाभ उठाएं।”
डॉ. किरण पाटिल
आयुक्त पशुपालन, महाराष्ट्र राज्य, पुणे-67







