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होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों का सफल पारगमन, अमेरिकी-इजरायल-ईरान संघर्ष के बावजूद

By Neha
On: Tuesday, March 24, 2026 8:52 AM
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों का सफल पारगमन, अमेरिकी-इजरायल-ईरान संघर्ष के बावजूद
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भारत में ईरानी दूतावास ने हाल ही में आई खबरों को पूरी तरह गलत और आधारहीन बताया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि होर्मुज की संधि से गुजरने वाले जहाजों से दो मिलियन डॉलर शुल्क लिया जा रहा है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। सोमवार शाम को दो भारतीय झंडाधारी एलपीजी टैंकर इस संवेदनशील मार्ग से सुरक्षित गुजर चुके हैं। ये जहाज लगभग 92,600 टन रसोई गैस ले जा रहे थे।

सरकारी नीति नहीं बल्कि व्यक्तिगत राय

दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन बयानों का हवाला मीडिया ने दिया है, वे किसी सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करते। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि होर्मुज जल मार्ग बंद नहीं हुआ है और जहाजों का संचालन जारी है। मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान संघर्ष के मद्देनजर उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं और कोई अवरुद्ध स्थिति नहीं है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और मार्ग की स्वतंत्रता को बनाए रखने के ईरान के प्रयासों को दर्शाती है।

समुद्री सुरक्षा और स्वतंत्र नेविगेशन पर ईरान का स्थिर रुख

ईरानी मंत्रालय ने दोहराया कि ईरान हमेशा समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करता रहा है। मंत्रालय ने कहा कि यह सिद्धांत वर्षों से लागू है और संघर्ष के बावजूद इनका पालन जारी है। यह स्पष्ट संदेश है कि ईरान ने सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी लेते हुए इस संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाणिज्यिक शुल्क की नीति लागू नहीं की है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम क्षेत्रीय तनाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को निरंतर बनाए रखने के लिए अहम है।

भारतीय जहाजों की सुरक्षित यात्रा

भारतीय शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि दो भारतीय जहाज जग वसंत और पाइन गैस होर्मुज की संधि से सुरक्षित गुजर चुके हैं। ये जहाज गुरुवार और शनिवार के बीच अपने गंतव्य बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही अमेरिकी-इज़राइल-ईरान संघर्ष के शुरू होने के बाद अब तक कुल चार भारतीय झंडाधारी जहाज इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि जहाजों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और भारतीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

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