व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

नोएडा हिंसा में सोशल मीडिया पोस्ट बनी मुसीबत RJD प्रवक्ताओं पर गंभीर आरोप

By Neha
On: Wednesday, April 15, 2026 2:15 PM
नोएडा हिंसा में सोशल मीडिया पोस्ट बनी मुसीबत RJD प्रवक्ताओं पर गंभीर आरोप
---Advertisement---

Noida में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। शुरुआत में यह विरोध शांतिपूर्ण था लेकिन देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और कई इलाकों में आगजनी तथा तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात पर काबू पा लिया और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और बड़ी संख्या में हिरासत

घटना के बाद Uttar Pradesh Police ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में कुल 7 FIR दर्ज की गई हैं और आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में PAC और RAF की तैनाती की गई है ताकि आगे किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

सोशल मीडिया पर अफवाह और साजिश की जांच

जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है जिसमें सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो शेयर कर माहौल बिगाड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने Rashtriya Janata Dal की प्रवक्ता Priyanka Bharti और Kanchana Yadav के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि इन दोनों ने भ्रामक वीडियो को नोएडा का बताकर शेयर किया जिससे लोगों में डर और अविश्वास का माहौल बना। पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश हो सकती है जिसमें 7 व्हाट्सएप ग्रुप और 25 बॉट अकाउंट्स के जरिए भड़काऊ सामग्री फैलाकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 66D के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि प्रदर्शन के पीछे किन लोगों की भूमिका थी और क्या यह पूरी घटना किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---