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मनोहर लाल खट्टर का भलस्वा डंपिंग साइट दौरा क्या बदल जाएगी दिल्ली की तस्वीर

By Neha
On: Thursday, May 28, 2026 1:45 PM
मनोहर लाल खट्टर का भलस्वा डंपिंग साइट दौरा क्या बदल जाएगी दिल्ली की तस्वीर
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को दिल्ली स्थित भलस्वा डंपिंग साइट का दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे सफाई और कचरा प्रसंस्करण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि इस विशाल कचरे के पहाड़ को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक तय किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मिशन पर तेजी से काम किया जा रहा है और इसे युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

निरीक्षण के बाद मंत्री खट्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि पिछले वर्ष उन्होंने संकल्प लिया था कि भलस्वा डंपिंग साइट को अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मौजूदा समय में तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक योजना नहीं बल्कि एक ठोस मिशन है जिसे निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से हो रहा कचरा निपटान

मंत्री ने बताया कि इस विशाल कचरे के ढेर को हटाने के लिए वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। लिगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग और वैज्ञानिक अपशिष्ट निपटान की प्रक्रियाओं को तेज किया गया है। पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पूरी हो।

स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा बड़ा अभियान

खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भलस्वा साइट से कचरा हटाने का काम तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यह अभियान राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था को एक नई दिशा देने की कोशिश है।

70 एकड़ में फैला कचरे का पहाड़

भलस्वा लैंडफिल दिल्ली का सबसे बड़ा कचरा डंपिंग स्थल है, जो 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह 1994 से लगातार एक गंभीर समस्या बना हुआ है। यहां कचरे का ढेर लगभग 60 मीटर तक ऊंचा हो चुका था। अब नगर निगम दिल्ली द्वारा बायो-माइनिंग तकनीक के जरिए इस पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाया जा रहा है। ड्रोन सर्वे के जरिए हर दिन इसकी निगरानी की जा रही है ताकि काम की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।

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