गुजरात सरकार ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 72 आईएएस अधिकारियों का तबादला और नई तैनाती की है। इस व्यापक फेरबदल में राज्य के कई प्रमुख जिलों, नगर निगमों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। इसका असर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

अहमदाबाद और सूरत सहित कई जिलों में बदलाव
तबादले की इस सूची में अहमदाबाद, सूरत, भरूच, नवसारी, जूनागढ़, कच्छ-भुज और वलसाड जैसे बड़े जिले शामिल हैं। कई जिलों के कलेक्टर और नगर आयुक्तों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अहमदाबाद की कलेक्टर भव्य वर्मा को नया दायित्व सौंपा गया है जबकि सूरत और जूनागढ़ में भी वरिष्ठ अधिकारियों की अदला बदली की गई है। इससे जिला प्रशासन की संरचना में बड़ा बदलाव आया है।
प्रमुख अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां
कई वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य के अहम विभागों में नई भूमिकाएं दी गई हैं। कुछ को गांधीनगर में नागरिक आपूर्ति और विकास विभाग में तैनात किया गया है जबकि कुछ को ऊर्जा और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों को शहरी विकास और जलवायु परिवर्तन जैसे विभागों में भी स्थानांतरित किया गया है। यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया बताया जा रहा है।
शहरी और ग्रामीण प्रशासन में संतुलन की कोशिश
इस फेरबदल में केवल बड़े शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को भी ध्यान में रखा गया है। कई अधिकारियों को आदिवासी क्षेत्र उप योजना के तहत परियोजनाओं में तैनात किया गया है। साथ ही शहरी स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाना बताया जा रहा है ताकि योजनाओं का लाभ जनता तक तेजी से पहुंच सके।








