
गुजरात के वलसाड से जुड़े तार, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों के नेटवर्क से पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा १०३(१) के तहत मामला दर्ज, पालघर पुलिस कप्तान के मार्गदर्शन में हुई त्वरित कार्रवाई
पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिला पुलिस ने कानून व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई की एक मिसाल पेश करते हुए, एक बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल (Blind Murder) की गुत्थी को महज २४ घंटे के भीतर सुलझा लिया है। प्रेम संबंधों के चलते अंजाम दिए गए इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति और साजिश में शामिल उसकी पत्नी दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
धारदार हथियार से बेरहमी से की गई थी हत्या
वारदात की शुरुआत २० मई २०२६ को हुई, जब गुजरात के वलसाड जिले के उंबरगांव निवासी शिकायतकर्ता राजन कलानभाई माच्छी (५६ वर्ष) ने तलासरी पुलिस स्टेशन में अपने बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, उनके ३३ वर्षीय बेटे इतनेशभाई राजन माच्छी के सिर पर किसी अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया गया था कि इतनेशभाई की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस अंधे कत्ल से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। तलासरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS), २०२३ की धारा १०३(१) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
एसपी यतीश देशमुख का एक्शन प्लान: २४ घंटे में ‘द एंड’
मामला सीमावर्ती राज्य गुजरात से जुड़ा होने और आरोपी का कोई सुराग न होने के कारण यह पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था। पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री यतीश देशमुख ने खुद कमान संभाली। उन्होंने बिना वक्त गंवाए स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और तलासरी पुलिस की कई स्पेशल डिटेक्टिव टीमों का गठन किया।
पुलिस टीमों ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और साइबर सेल की मदद ली। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में अपने खुफिया मुखबिरों के तंत्र को सक्रिय किया। नतीजा यह हुआ कि महज कुछ ही घंटों में पुलिस की सुई एक संदेही पर जाकर टिक गई।
अवैध संबंधों की रंजिश में पति-पत्नी ने रची थी मौत की साजिश
सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदेही जेरी बाबू माच्छी (३६ वर्ष, निवासी: पलगांव महादेव फलिया, उंबरगांव, वलसाड, गुजरात) को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे जेरी ने जब खाकी का रौब देखा, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। दरअसल, मृतक इतनेशभाई माच्छी का आरोपी जेरी की पत्नी के साथ काफी समय से प्रेम संबंध (अवैध संबंध) चल रहा था। जब इसकी भनक जेरी को लगी, तो उसने इतनेशभाई को रास्ते से हटाने का खूनी प्लान तैयार किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कत्ल की साजिश में आरोपी की ३२ वर्षीय पत्नी श्रीमती जेरी माच्छी भी बराबर की साझेदार निकली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पति और साजिशकर्ता पत्नी, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
ये रहे इस कामयाब ऑपरेशन के हीरो
इस चुनौतीपूर्ण और अंधे कत्ल का महज एक दिन के भीतर पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम की चारों तरफ सराहना हो रही है। यह पूरा ऑपरेशन एसपी श्री यतीश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक श्री विनायक नरळे और डहाणू संभाग की अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी श्रीमती अंकिता कणसे के कुशल और सख्त नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) टीम: हत्याकांड को क्रैक करने में एलसीबी के पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटिल, एपीआई योगेश शिंदे, पीएसआई स्वप्नील सावंतदेसाई, रोहित खोत, गोरखनाथ राठौड़ सहित हवलदार दिनेश गायकवाड़, कैलाश पाटिल, नरेंद्र पाटिल, भगवान आखाड़, संतोष निकोळे, बजरंग अमनवाड, विशाल कडू और विशाल नांगरे की भूमिका बेहद अहम रही।
तलासरी एवं घोलवड पुलिस टीम: ग्राउंड एक्शन में तलासरी के पुलिस निरीक्षक अजय गोरड (जो मामले की आगे की कानूनी जांच कर रहे हैं), एपीआई हेमंत देवरे, महिला पीएसआई योगिता गुजर, पीएसआई विकास दरगुडे, अमोल चिंचे और महिला पुलिस नायक सुरैया मलायकर ने मुख्य भूमिका निभाई।
विशेष रिपोर्ट: क्राइम ब्यूरो, पालघर






