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दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से बदलेगी देश की तस्वीर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की परियोजना की समीक्षा

On: Sunday, June 28, 2026 10:24 PM
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पालघर, 28 जून 2026: भारत सरकार द्वारा लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे 1,400 किलोमीटर लंबे, 8-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड ‘दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे’ का काम अंतिम चरणों में है। हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह मार्ग देश की लॉजिस्टिक क्षमता और औद्योगिक विकास के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।
समय और लागत में होगी भारी बचत
मुख्यमंत्री फडणवीस ने वडोदरा–मुंबई खंड के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कहा कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और मुंबई के बीच का सफर न केवल सुगम होगा, बल्कि माल ढुलाई (Freight) की रफ्तार भी कई गुना बढ़ जाएगी।
इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • यात्रा समय में कटौती: वडोदरा से मुंबई के बीच का वर्तमान आठ घंटे का सफर अब केवल चार घंटे में पूरा हो सकेगा।
  • कनेक्टिविटी: यह मार्ग सीधे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) से जुड़ेगा, जिससे उत्तर भारत से आने वाला माल सीधे बंदरगाह तक बिना किसी बाधा के पहुँच सकेगा।
  • ट्रैफिक समस्या से मुक्ति: ठाणे, भिवंडी और घोडबंदर मार्ग पर होने वाली भारी ट्रैफिक जाम से अब मुक्ति मिलेगी, जिससे ईंधन और समय की बर्बादी पर लगाम लगेगी।
    महाराष्ट्र में काम की स्थिति
    मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र से गुजरने वाला वडोदरा–मुंबई खंड लगभग 157 किलोमीटर लंबा है, जिस पर 24 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुल सात निर्माण पैकेजों में से पांच पूरे हो चुके हैं और यातायात के लिए तैयार हैं। शेष दो पैकेजों का काम अगस्त 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। महाराष्ट्र राज्य से गुजरने वाले इस पूरे मार्ग को 31 अगस्त 2026 तक जनता के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया है। औद्योगिक विकास और रोजगार को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे देश के सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह (JNPA) से जुड़ने के कारण निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि नए निवेश आकर्षित होंगे और रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण की गुणवत्ता में कोई समझौता न किया जाए और परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।

इस दौरान रहे प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित

निरीक्षण के दौरान वन मंत्री एवं पालघर के पालक मंत्री गणेश नाईक, मत्स्यपालन व बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक स्नेहा दुबे–पंडित, विधायक राजन नाईक सहित प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इनमें कोकण रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीना, एमएडीसी के उपाध्यक्ष दीपक कपूर, JNPA के अध्यक्ष गौरव दयाल, मीरा-भाईंदर वसई–विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, जिला कलेक्टर डॉ. इंदु राणी जाखड और पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख प्रमुख रूप से शामिल थे।
यह एक्सप्रेसवे न केवल भारत की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को आधुनिक तरीके से जोड़ेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने वाला एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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