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BRICS बैठक में ईरान का बड़ा हमला अमेरिका-इजरायल पर गंभीर आरोप

By Neha
On: Thursday, May 14, 2026 2:19 PM
BRICS बैठक में ईरान का बड़ा हमला अमेरिका-इजरायल पर गंभीर आरोप
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और जारी संघर्ष के बीच ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरगची ने कहा कि दोनों देशों की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और BRICS देशों को इसकी खुलकर निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है और BRICS इस नई व्यवस्था का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

ईरान ने पश्चिमी वर्चस्व और वैश्विक व्यवस्था पर उठाए सवाल

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरगची ने बैठक में कहा कि ईरान की लड़ाई केवल उसका अपना संघर्ष नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन और ग्लोबल साउथ के हितों से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर पड़ती साम्राज्यवादी शक्तियां अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए आक्रामक रवैया अपना रही हैं। अरगची ने कहा कि पश्चिमी देशों की ‘श्रेष्ठता की सोच’ और दंडमुक्ति की प्रवृत्ति अब स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने BRICS देशों से अपील की कि वे इस सोच के खिलाफ एकजुट होकर मजबूत रुख अपनाएं ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में संतुलन स्थापित किया जा सके।

अमेरिका-इजरायल पर गंभीर आरोप और जवाबदेही की मांग

बैठक के दौरान अरगची ने अमेरिका और इजरायल पर पश्चिम एशिया में गैरकानूनी सैन्य कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ घटनाओं को अब पश्चिमी देशों की राजधानियों में सामान्य मान लिया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने BRICS देशों से बिना किसी शर्त के इन कार्रवाइयों की निंदा करने की मांग की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है। उनके अनुसार, समुद्री क्षेत्रों में तनाव, संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय संघर्षों ने वैश्विक शांति को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

भारत का संतुलित रुख और BRICS बैठक का वैश्विक एजेंडा

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव, ऊर्जा ढांचे पर असर और समुद्री व्यापार की सुरक्षा वैश्विक स्थिरता के लिए चुनौती बन रही है। उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के ‘दो-राष्ट्र समाधान’ समर्थन को दोहराया और कहा कि भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों में हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। नई दिल्ली में 14 और 15 मई को हो रही इस BRICS बैठक में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, भू-राजनीतिक तनाव और विकासशील देशों की भूमिका पर व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे यह मंच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण बन गया है।

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