पालघर: पालघर जिले के विकास को एक नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। पालकमंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में हुई जिला नियोजन समिति की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़कों जैसे बुनियादी मुद्दों पर जोर दिया गया।
किसानों के लिए खुशखबरी: दापचरी बनेगा एक्सपोर्ट हब
डहाणू के दापचरी में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का ‘एग्रो एक्सपोर्ट हब’ तैयार होगा। यह केंद्र न केवल किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने का जरिया बनेगा, बल्कि यहाँ के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।
विकास के लिए 859 करोड़ रुपये का बजट
इस साल के विकास कार्यों के लिए सरकार ने 859.38 करोड़ रुपये का बजट रखा है। पालकमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि यह पैसा हर गांव और तालुका की जरूरत के हिसाब से सही तरीके से खर्च होना चाहिए।
बैठक की मुख्य बातें:
- शमशान घाट की सुविधा: जिले के जो गांव अभी तक शमशान घाट की बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, वहां प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
- सड़क संपर्क: आदिवासी क्षेत्रों के जो गांव अभी भी पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं, उन्हें जल्द ही मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा।
- तीर्थ स्थल का दर्जा: पालघर के ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर को अब ‘क’ वर्ग तीर्थ स्थल का दर्जा दिया गया है, जिससे वहां विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
- महापुरुषों के स्मारक: भगवान बिरसा मुंडा और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भव्य स्मारक बनाने के लिए जमीन तय कर ली गई है।
युवाओं को मिली नौकरियां और किसानों को मदद
बैठक के दौरान पालकमंत्री ने 26 युवाओं को ‘शिक्षण सेवक’ के नियुक्ति पत्र दिए। इसके अलावा, बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए 31 किसानों को अनुदान और पौधे वितरित किए गए। जव्हार के विनवल आश्रम स्कूल में नए बहुउद्देशीय हॉल का भी ऑनलाइन भूमिपूजन किया गया।
इस बैठक में जिले के सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने जिले के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया।







