व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

महाराष्ट्र के सभी जिलों में 21 अगस्त को निकलेगी ‘महा वॉकेथॉन’: पानी बचाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे लोग!

On: Wednesday, August 19, 2026 8:47 AM
---Advertisement---

अब पूरे महाराष्ट्र में दूर होगी पानी की किल्लत!

महाराष्ट्र के सभी जिलों में लगातार सूखते बोरवेल, कम होते कुओं और पानी की बड़ी समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब सिर्फ बड़े बांधों के भरोसे बैठने के बजाय “पानी रोको, जमीन में पानी उतारो” (पाणी अडवा, पाणी जिरवा) का नियम हर गांव और शहर में सख्ती से लागू किया जा रहा है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत सुधाकररावजी नाइक के जल संरक्षण के महान कामों को याद करते हुए, सरकार ने हर साल 21 अगस्त को ‘राज्य जल संरक्षण दिन‘ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके तहत राज्य के सभी 36 जिलों में खास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

15 से 21 अगस्त तक मचेगी जल संरक्षण की धूम

इस साल 15 से 21 अगस्त तक पूरे महाराष्ट्र में ‘जल संरक्षण सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इस पूरे अभियान का मुख्य नारा (टैगलाइन) है:

‘Save Soil, Save Water, Secure Tomorrow’ (मिट्टी बचाओ, पानी बचाओ, कल का भविष्य सुरक्षित करो)

इस सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण होगा 21 अगस्त को महाराष्ट्र के सभी जिलों, तालुकों और गाँवों में होने वाली ‘महा वॉकेथॉन’ (पैदल मार्च)। पानी बचाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबका फर्ज है। इसलिए इस मार्च में किसान, महिलाएं, युवा, छात्र और आम जनता पूरी ताकत से हिस्सा लेगी।

स्कूल के बच्चों के हाथों में होगी पानी बचाने की मशाल
बच्चों से ही देश का भविष्य बनता है। इसलिए महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में पढ़ने वाले आठवीं से बारहवीं (8th to 12th) तक के बच्चों को इस मुहिम से जोड़ा गया है:

  • महा वॉकेथॉन में भागीदारी: सभी स्कूलों के छात्र हाथों में तख्तियां लेकर पानी बचाने का संदेश देते हुए सड़कों पर उतरेंगे।
  • सोशल मीडिया रील्स प्रतियोगिता: आज के युवा रील्स बनाने में माहिर हैं! छात्र पानी और मिट्टी बचाने पर छोटे-छोटे वीडियो (रील्स) बनाकर सोशल मीडिया पर डालेंगे, जिससे यह संदेश महाराष्ट्र के हर घर तक पहुंचे।

बारिश का पानी यूं ही बहने न दें!
अक्सर बरसात का पानी नालों में बहकर बर्बाद हो जाता है और गर्मियों में फिर से पानी के लिए तरसना पड़ता है। इस बुरे चक्र को तोड़ने के लिए महाराष्ट्रभर में यह काम किए जा रहे हैं:

  • बारिश के पानी को खेतों और गाँवों में रोकना।
  • उसे जमीन के अंदर सोखने देना।
  • पुराने कुओं, तालाबों और जलस्रोतों को फिर से जीवित करना।
    सरकार की योजनाओं के साथ-साथ जब तक आम जनता खुद आगे नहीं आएगी, तब तक पानी की समस्या हल नहीं हो सकती। इसलिए हर महाराष्ट्रवासी को यह नारा याद रखना है:

“पानी रोको, पानी बचाओ, जलयुक्त महाराष्ट्र बनाओ!”

स्कूल बनेंगे पानी की शिक्षा के बड़े केंद्र
अब पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को असल जिंदगी में पानी और पेड़-पौधे बचाने के तरीके सिखाए जाएंगे। इस काम में पुणे और मुंबई के शिक्षण विभाग पूरी मदद कर रहे हैं

मिट्टी और पानी बचेगा, तभी हमारा कल सुरक्षित रहेगा!

आज मौसम बदल रहा है, बारिश समय पर नहीं हो रही है और जमीन का पानी सूखता जा रहा है। इसलिए 21 अगस्त का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के प्रत्येक नागरिक के लिए पानी और मिट्टी बचाने की जिम्मेदारी उठाने का ‘संकल्प दिन’ है।

  • आज पानी रोकेंगे, तो कल हमारा भविष्य बचेगा!
  • आज मिट्टी बचाएंगे, तो कल हमारी खेती बचेगी!

‘Save Soil, Save Water, Secure Tomorrow’ — मिट्टी बचाओ, पानी बचाओ, अपना कल सुरक्षित करो!

जनहित में जारी
स्रोत:

जिला जनसंपर्क कार्यालय, पालघर (श्री राहुल शोभाबाई लक्ष्मणराव भालेराव, जिला जनसंपर्क अधिकारी)

        Join WhatsApp

        Join Now

        ---Advertisement---