पहले ही अनुबंध के तहत 9 गंभीर मरीजों को मिली 89.60 लाख रुपये की आर्थिक मदद
मुंबई संवाददाता /खबरदीप जनमंच नेटवर्क:
लिवर ट्रांसप्लांट (यकृत प्रत्यारोपण), कैंसर और मस्तिष्क (ब्रेन) की सर्जरी जैसे बेहद महंगे और जटिल इलाजों के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि और टाटा ट्रस्ट के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता राज्य के जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अहम पहल के कारण आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिल पा रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भारी संतोष और राहत का माहौल है।
छह महीने में 9 मरीजों को मिला जीवनदान
मुख्यमंत्री सहायता निधि और टाटा ट्रस्ट के बीच हुए इस अनुबंध के बाद महज छह महीने के भीतर ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए 9 गंभीर मरीजों के लिए कुल 89 लाख 60 हजार 301 रुपये की भारी-भरकम आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। इस वित्तीय मदद के जरिए मरीजों को लिवर ट्रांसप्लांट, कैंसर के अत्याधुनिक उपचार और ब्रेन सर्जरी जैसी खर्चीली चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराई गई हैं।
150 जरूरतमंद मरीजों को मदद देने का है लक्ष्य
मुख्यमंत्री सहायता निधि, चैरिटेबल हॉस्पिटल सहायता कक्ष और टाटा ट्रस्ट के बीच गत 12 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। पहली बार हुए इस संयुक्त अनुबंध के तहत राज्य के कुल 150 जरूरतमंद मरीजों को असाध्य और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद देने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
इस व्यवस्था से जरूरतमंदों को समय पर प्रभावी चिकित्सा मिलने का रास्ता साफ हुआ है। सरकार की योजना के अनुसार, भविष्य में ऐसे ही और भी कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौते किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिन्हें जल्द ही अमली जामा पहनाया जाएगा। इससे आने वाले समय में राज्य के और अधिक गरीबों को राहत मिल सकेगी।
शासन और सामाजिक संस्थाओं का अनूठा समन्वय
मुख्यमंत्री सहायता निधि और चैरिटेबल हॉस्पिटल सहायता कक्ष के जरिए राज्य सरकार, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच आपसी तालमेल को बेहद मजबूत किया जा रहा है। इस साझा प्रयास का मुख्य उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि पैसे या आर्थिक तंगी के अभाव में राज्य का कोई भी नागरिक इलाज से वंचित न रहे और उसे समय पर नया जीवन मिल सके।
- विशेष अपील:
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में यह समझौता किया गया है। इसी तर्ज पर अन्य नामचीन संस्थाओं से भी करार किए जा रहे हैं। पैसों की कमी के कारण किसी का इलाज न रुके, इसके लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि और चैरिटेबल हॉस्पिटल सहायता कक्ष लगातार मुस्तैदी से काम कर रहा है।
किसी भी प्रकार की सहायता या अधिक जानकारी के लिए जरूरतमंद मरीज टोल-फ्री नंबर – 1800 123 2211 पर संपर्क कर सकते हैं। यह अपील मुख्यमंत्री सहायता निधि व चैरिटेबल हॉस्पिटल सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाइक द्वारा की गई है।






