संवाददाता | खबरदीप जनमंच
मुंबई, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्य के स्वास्थ्य और दवा वितरण तंत्र में फैली अनियमितताओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। मुनाफाखोरों, मनमाने दाम वसूलने वाले अस्पतालों और नियमों को ताक पर रखकर दुकानें चलाने वालों के खिलाफ उठाए गए कदमों का विवरण निम्नलिखित है:
- अस्पतालों की लूट पर रोक: अस्पतालों में भर्ती मरीजों को केवल उसी परिसर के भीतर स्थित फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। मरीज या उनके परिजन डॉक्टर के पर्चे पर बाहर के किसी भी लाइसेंसी मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से दवाइयां खरीद सकते हैं। नियम तोड़ने वाले अस्पतालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- पर्चे के हिसाब से मिलेगी दवा: मेडिकल स्टोर्स पर डॉक्टर द्वारा लिखी गई सटीक मात्रा के अनुसार ही गोलियां काट कर देनी होंगी। मरीजों को अनावश्यक रूप से पूरी स्ट्रिप या पत्ता खरीदने के लिए मजबूर करने वाली प्रथा पर पूरी रोक लगा दी गई है।
- पालघर और भिवंडी में करोड़ों की जब्ती: एफडीए की टीमों ने पालघर, भिवंडी और एमएमआर क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर बिना मानक के मेडिकल डिवाइस और सर्जिकल उपकरण बनाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए ₹2 करोड़ 17 लाख से अधिक का अमानक स्टॉक ज़ब्त किया है।
- ऑनलाइन डिलीवरी और खाद्य सुरक्षा पर एक्शन: मुंबई के मलाड में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘ब्लिंकइट’ के डार्क स्टोर पर गंभीर अनियमितताएं मिलने पर लाइसेंस निलंबित किया गया। इसके अलावा राज्यभर के होटलों और रेस्टोरेंट्स में भी औचक निरीक्षण जारी है।
जनहित अपील: यदि कोई अस्पताल बाहर से दवा खरीदने से रोकता है या मेडिकल स्टोर मनमानी करता है, तो इसकी शिकायत एफडीए के टोल-फ्री नंबर 1800-222-375 पर दर्ज कराएं।






