पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। बठिंडा जिले के मंडी कलां गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने अकाल तख्त में हमेशा श्रद्धा के साथ मत्था टेका है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए इस सम्मानित संस्था का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
वायरल वीडियो विवाद पर दी सफाई
मुख्यमंत्री मान ने उस विवाद का भी जिक्र किया, जिसमें अकाल तख्त ने उन्हें ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया था। यह मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा था, जिसमें कथित तौर पर मान जैसे दिखने वाले व्यक्ति को सिख गुरुओं और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियों में दिखाया गया था। मान ने एक बार फिर इस वीडियो को फर्जी बताते हुए कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
SGPC चुनाव जल्द कराने की मांग
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के चुनाव जल्द करवाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 14 वर्षों से SGPC के चुनाव नहीं हुए हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। मान ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं का संचालन ऐसे लोगों के हाथों में होना चाहिए जो श्रद्धा और सेवा की भावना से काम करें, न कि राजनीतिक लाभ के लिए।
बादल परिवार और अकाली दल पर निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान धर्म का राजनीतिक उपयोग किया गया और विभिन्न माफिया गतिविधियों को संरक्षण मिला। मान ने दावा किया कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देकर काम कर रही है।
बेअदबी मामलों पर सख्त कानून
मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वालों को 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उनका कहना था कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महिलाओं के लिए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए शुरू की जा रही ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से लागू होने वाली इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता मिलेगी। इसके अलावा मंडी कलां गांव के विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की गई।








