भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सौमित्र खान ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसद संपर्क में हैं और वे पाला बदलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व की मंजूरी मिलती है तो बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

तृणमूल कांग्रेस का सख्त खंडन
इस दावे पर तृणमूल कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह गलत बताया। पार्टी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह बयान “बिल्कुल बेबुनियाद” है और इसका कोई आधार नहीं है। टीएमसी ने बीजेपी के आरोपों को राजनीतिक प्रचार करार देते हुए खारिज कर दिया है और कहा कि पार्टी में किसी तरह की टूट या असंतोष जैसी स्थिति नहीं है।
आंकड़ों और राजनीतिक समीकरणों की चर्चा
वर्तमान में पश्चिम बंगाल की लोकसभा में कुल 42 सांसद हैं, जिनमें टीएमसी के 29, बीजेपी के 12 और कांग्रेस का 1 सांसद शामिल है। अगर दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है, तो किसी भी पार्टी से कम से कम दो-तिहाई सांसदों का एक साथ जाना जरूरी होता है। इसी आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि लगभग 19–20 सांसदों की संख्या अहम मानी जा रही है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ता तनाव और अटकलें
राज्य में हाल के समय में राजनीतिक अस्थिरता और अंदरूनी असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। 2021 विधानसभा चुनाव से पहले भी कई नेताओं ने पार्टी बदली थी, लेकिन बाद में वापसी भी हुई थी। अब एक बार फिर ऐसे दावों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है, जिससे बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।








