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शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, घुसपैठियों पर अदालत भेजने पर रोक लगी

By Neha
On: Friday, May 22, 2026 9:09 AM
शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, घुसपैठियों पर अदालत भेजने पर रोक लगी
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा में हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को अब अदालतों में पेश नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए बनाए गए व्यापक “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” ढांचे का हिस्सा है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

नया नियम लागू, पुलिस और RPF को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके तहत यदि किसी भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया जाता है तो उसे अदालत में भेजने की बजाय सीधे बीएसएफ को सौंपा जाएगा। उन्होंने पुलिस आयुक्तों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ऐसे मामलों में प्रक्रिया बदलकर सीमा पर भेजने की कार्रवाई की जाए। इस फैसले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल देखी जा रही है।

इमिग्रेशन कानून 2025 का दिया हवाला

शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में संसद द्वारा पारित इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट 2025 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून भारत में आव्रजन, पंजीकरण, निगरानी और निर्वासन की आधुनिक प्रणाली को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो अवैध प्रवासी नागरिकता के योग्य नहीं हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बजाय सीधे सीमा सुरक्षा एजेंसियों को सौंपा जाएगा। इस निर्णय को लेकर कानूनी विशेषज्ञों में भी चर्चा तेज हो गई है।

भ्रष्टाचार और विकास योजनाओं पर भी बयान

बैठक के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा में अवैध निर्माण और कथित भ्रष्टाचार की जांच के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि कुछ बिल्डरों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण किए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच होगी। साथ ही उन्होंने जल निकायों को भरने के मामलों पर भी रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि हावड़ा और बाली नगर निकायों के परिसीमन का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है।

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