राजस्थान के सीकर में NEET-UG की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र प्रदीप मेघवाल ने शनिवार सुबह आत्महत्या कर ली। यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। प्रदीप झुंझुनूं जिले के गुड्डा गोडजी क्षेत्र का रहने वाला था और पिछले तीन वर्षों से सीकर के एक कोचिंग संस्थान में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह अपनी बहन के साथ किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था, जहां यह दुखद घटना घटी।

बहन के नहाने के दौरान हुआ हादसा
परिजनों और पुलिस के अनुसार, घटना के समय छात्र की बहन नहाने गई हुई थी। इसी दौरान प्रदीप ने कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जब बहन बाहर आई तो घटना का पता चला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
परिवार ने सपनों के लिए झोंकी पूरी कमाई
परिजनों ने बताया कि प्रदीप का सपना डॉक्टर बनने का था और इसी लक्ष्य के लिए परिवार ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद करीब 8 से 11 लाख रुपये उसकी पढ़ाई पर खर्च किए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, फिर भी उन्होंने बेटे के भविष्य के लिए कई त्याग किए। यहां तक कि परिवार अपना खुद का घर भी नहीं बना सका, क्योंकि सारी बचत उसकी पढ़ाई में लग गई। उन्हें उम्मीद थी कि NEET-UG पास कर प्रदीप परिवार की स्थिति बदल देगा।
कोचिंग छात्रों में शोक, पुलिस जांच में जुटी कारणों की तलाश
घटना के बाद कोचिंग संस्थान और आसपास के छात्रों में गहरा शोक फैल गया है। स्थानीय लोगों ने प्रदीप को एक शांत, अनुशासित और मेहनती छात्र बताया है, जो हमेशा पढ़ाई में गंभीर रहता था। पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर संभव पहलू पर जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।








