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कोचिंग सेंटरों तक पहुंचा NEET पेपर, CBI जांच में बड़ा नेटवर्क उजागर

By Neha
On: Thursday, May 14, 2026 1:29 PM
कोचिंग सेंटरों तक पहुंचा NEET पेपर, CBI जांच में बड़ा नेटवर्क उजागर
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NEET-UG मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में पेपर लीक मामले की जांच अब तेज हो गई है और जांच एजेंसियों की पड़ताल में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि NEET-UG का पेपर यश यादव के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया गया था। सूत्रों के अनुसार यश यादव की पहचान विकास बिवाल के रूप में भी बताई जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में शुभम नाम के व्यक्ति ने खुद को मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है, जिससे जांच और अधिक जटिल हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि इस पेपर लीक नेटवर्क का असली सोर्स कौन है और इसके पीछे पैसों का लेनदेन किस स्तर पर हुआ।

पेपर की स्कैन कॉपी से छात्रों तक पहुंचा लीक 

जांच में सामने आया है कि विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने पेपर की हार्डकॉपी को स्कैन कर उसकी पीडीएफ फाइल तैयार की थी। इसके बाद यह डिजिटल कॉपी कथित तौर पर सीकर के कई कोचिंग संस्थानों तक पहुंचाई गई, जहां पढ़ने वाले कई छात्रों को इसका लाभ दिया गया। सूत्रों के मुताबिक छात्रों से इस पेपर के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए थे। हालांकि शुभम ने खुद को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड मानने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

CBI की पूछताछ तेज, कोचिंग संस्थानों और मनी ट्रेल पर फोकस

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में जांच की रफ्तार बढ़ा दी है और कोचिंग संस्थानों के स्टाफ और मालिकों से लंबी पूछताछ की जा रही है। साथ ही कई छात्रों और गिरफ्तार आरोपियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल को खंगालने में जुटी हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा किन खातों से होकर किसके पास पहुंचा। जांच का मुख्य फोकस अब यह समझना है कि इस रैकेट का असली संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।

नासिक कनेक्शन और कंसल्टेंसी नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे

इस बीच महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े पेपर लीक मामले ने भी जांच को नया मोड़ दे दिया है। मुख्य आरोपी शुभम खैरनार की ‘SR Education Consultancy’ नाम की एजुकेशन कंसल्टेंसी का खुलासा हुआ है, जो नासिक के पॉश कनाडा कॉर्नर इलाके में संचालित होती है। यह कंसल्टेंसी MBBS, BAMS, BHMS और इंजीनियरिंग जैसे कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को मार्गदर्शन देती थी। जांच में सामने आया है कि पिछले 2 से 3 वर्षों में इस नेटवर्क ने तेजी से विस्तार किया और सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार भी किया गया। राजस्थान पुलिस की जांच में अब नासिक कनेक्शन भी गहराता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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