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राजस्थान में दर्दनाक हादसा, फूड पॉइजनिंग से भाई-बहन की मौत पर हड़कंप

By Neha
On: Tuesday, May 12, 2026 5:51 PM
राजस्थान में दर्दनाक हादसा, फूड पॉइजनिंग से भाई-बहन की मौत पर हड़कंप
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राजस्थान के सिरोही जिले के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र के मांडवाड़ा खालसा गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्चों की पहचान 15 वर्षीय नोनाराम और 12 वर्षीय काली के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रारंभिक जांच में इस मामले को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

जंगल में पी थी चुस्की, रात में बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार दोनों बच्चे शुक्रवार को बकरियां चराने के लिए जंगल गए थे। बताया जा रहा है कि दिनभर उन्होंने कोई ठोस भोजन नहीं किया और केवल बर्फ से बनी ‘चुस्की’ का सेवन किया। शाम को घर लौटने के बाद परिवार ने खाना बनाया, जिसमें मछली भी शामिल थी लेकिन दोनों बच्चों ने मछली खाने से इनकार कर दिया और सामान्य भोजन कर सो गए। शनिवार सुबह जैसे ही वे उठे, उन्हें तेज पेट दर्द होने लगा और कुछ ही देर में उल्टी और दस्त शुरू हो गए। हालत बिगड़ने पर पिता उन्हें तुरंत अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दोनों मासूमों ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, 96 घरों का किया गया सर्वे

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया। बीसीएमओ डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में मेडिकल टीम गांव पहुंची और जांच शुरू की गई। विभाग ने एहतियात के तौर पर पूरे गांव में व्यापक सर्वे अभियान चलाया। कुल 96 घरों में जांच की गई और 427 लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की गई। राहत की बात यह रही कि किसी अन्य व्यक्ति में गंभीर फूड पॉइजनिंग या उल्टी-दस्त के लक्षण नहीं पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

फूड पॉइजनिंग की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

अधिकारियों का मानना है कि यह मामला शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। बच्चों की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की जा रही है। गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है और लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

15 मई से चलेगा जागरूकता अभियान

इस दर्दनाक घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। 15 मई से पूरे जिले में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत लोगों को खुले में बिकने वाली चुस्की, दूषित पेय पदार्थ और अस्वच्छ खाद्य सामग्री से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया जाएगा। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से दूर रखें और किसी भी तरह की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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