NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी राकेश को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने एक दोस्त के घर में छिपा हुआ था जिसे राजस्थान पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी थी। इस गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पेपर लीक नेटवर्क के कई और राज सामने आ सकते हैं। देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर पहले से ही तनाव और नाराजगी का माहौल बना हुआ है और अब इस गिरफ्तारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

व्हाट्सएप पर वायरल हुआ कथित गेस पेपर बना जांच का आधार
3 मई को आयोजित हुई NEET UG-2026 परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित गेस पेपर तेजी से वायरल हुआ था। जांच में सामने आया कि इस दस्तावेज में शामिल कई सवाल असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। बताया जा रहा है कि लगभग 400 सवालों वाला यह दस्तावेज परीक्षा से पहले ही छात्रों के बीच पहुंच चुका था। खासतौर पर व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इसे फैलाया गया। जब छात्रों और अभिभावकों ने पेपर के सवालों में समानता देखी तो पूरे देश में हड़कंप मच गया। इसके बाद मामला राजस्थान SOG तक पहुंचा और बड़े स्तर पर जांच शुरू की गई।
कई राज्यों में छापेमारी और संगठित गिरोह की आशंका
राजस्थान SOG ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कई राज्यों में छापेमारी की। जांच के दौरान देहरादून एक अहम ठिकाने के रूप में सामने आया जहां से पहले भी कुछ संदिग्धों को पकड़ा गया था। अब राकेश की गिरफ्तारी को इस पूरे केस में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अब तक 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने और छात्रों तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ी चिंता और केंद्रीय जांच की संभावना
पेपर लीक विवाद बढ़ने के बाद NEET UG-2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से लाखों छात्रों और उनके परिवारों में भारी चिंता और निराशा देखी जा रही है। वहीं अब केंद्रीय एजेंसियों की जांच की संभावना भी जताई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। देहरादून पुलिस ने कैमरे पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया लेकिन इतना जरूर कहा कि राजस्थान पुलिस ने उनसे सहयोग मांगा था और आरोपी को अपने साथ ले गई। फिलहाल राजस्थान SOG पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। माना जा रहा है कि इस केस का खुलासा देश की सबसे बड़ी परीक्षा सुरक्षा चूक में से एक साबित हो सकता है।








