मुंबई, 18 अगस्त: खबरदीप जनमंच नेटवर्क
शरीर का कोई मुख्य अंग जैसे लिवर (यकृत), किडनी (गुर्दा), फेफड़े या दिल (हृदय) खराब होने के बाद अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) सर्जरी ही मरीज के जीवन को बचाने का आखिरी विकल्प बचता है। लेकिन इस इलाज में लाखों रुपये का खर्च आता है, जो कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी चिंता बन जाता है।
ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि (CM Relief Fund) महाराष्ट्र राज्य के जरूरतमंद मरीजों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में अंग प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए 798 मरीजों को कुल 15 करोड़ 79 लाख 66 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
सस्ती और तेज मदद के लिए नए नियम
चिकित्सा के क्षेत्र में हुई प्रगति के कारण अब अंग प्रत्यारोपण की सर्जरी पहले से अधिक सफल हो रही हैं। हालांकि, निजी अस्पतालों में इन ऑपरेशनों का भारी खर्च आने के कारण मरीज काफी परेशान होते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को समय पर इलाज दिलाने के लिए इस निधि से तुरंत पैसा उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशासनिक कामकाज को आसान और तेज बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- मंत्रालय आने की जरूरत नहीं: मरीजों या उनके परिजनों को आर्थिक मदद का फॉर्म जमा करने के लिए मुंबई स्थित मंत्रालय आने की आवश्यकता नहीं है। राज्य के सभी 36 जिलों में जिला स्तरीय कक्ष (डिस्ट्रिक्ट हेल्प डेस्क) शुरू कर दिए गए हैं।
- अस्पताल के जरिए सीधा आवेदन: अब मरीज को खुद आवेदन करने की झंझट नहीं उठानी पड़ेगी। मरीज जिस अस्पताल में भर्ती है, वही संबद्ध अस्पताल सीधे ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से फॉर्म और कागजात जमा करेगा।
- ऑनलाइन सिस्टम से तुरंत मंजूरी: पूरे सिस्टम को हाई-टेक और ऑनलाइन कर दिया गया है। जैसे ही जरूरी कागजात पूरे होते हैं, आवेदन को तुरंत मंजूरी दे दी जाती है ताकि गंभीर मरीज का इलाज बिना किसी देरी के शुरू हो सके।
अंग-वार मिली आर्थिक सहायता का ब्योरा
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की मदद:
- किडनी (गुर्दा) ट्रांसप्लांट: 617 मरीजों को ₹12 करोड़ 23 लाख 66 हजार दिए गए।
- लिवर (यकृत) ट्रांसप्लांट: 162 मरीजों को ₹3 करोड़ 21 लाख 50 हजार की मदद मंजूर हुई।
- हार्ट (दिल) ट्रांसप्लांट: 16 मरीजों को ₹28 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता मिली।
- फेफड़े (लंग्स) ट्रांसप्लांट: 03 मरीजों को ₹6 लाख की मदद दी गई।
सहायता पाने के लिए टोल-फ्री नंबर पर करें संपर्क
मुख्यमंत्री सहायता निधि और चैरिटी अस्पताल सहायता कक्ष के प्रमुख श्री रामेश्वर नाइक ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज के लिए समय पर आर्थिक मदद मिलना सबसे जरूरी होता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के तहत पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन, आसान और तेज कर दिया गया है। - जरूरतमंद मरीज या उनके परिजन मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 123 2211 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।






