सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशिष शेलार का आदेश: सभी सरकारी विभागों की भागीदारी अनिवार्य
राज्यभर में भव्य आयोजनों के लिए सरकार ने जारी किया आधिकारिक आदेश
मुंबई: खबरदीप जनमंच नेटवर्क
महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को आधिकारिक रूप से ‘राज्य महोत्सव’ घोषित किया है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशिष शेलार ने निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी विभाग, कार्यालय और निगम इस उत्सव में सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरण-अनुकूल कार्यक्रम आयोजित करें।
इस उत्सव को गांव-गांव तक पहुंचाने और इसे यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
प्रमुख घोषणाएं और आयोजन:
- 1.5 करोड़ रुपये के पुरस्कार: राज्य के 480 उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को तालुका, जिला और राज्य स्तर पर कुल 1.5 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
- देश-विदेश में आयोजन: महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों के अलावा देश के 10 राज्यों और विदेशों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। नई दिल्ली में 5 दिन और मुंबई में 8 दिन विशेष आयोजन किए जाएंगे।
- डिजिटल दर्शन और रील्स स्पर्धा: गणपति दर्शन के लिए नया ऑनलाइन पोर्टल और घर के गणपति की फोटो अपलोड करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। गोरे9.loगांव फिल्म सिटी के माध्यम से ‘रील्स प्रतियोगिता’ भी आयोजित होगी।
- पर्यावरण-अनुकूल उत्सव: शादू मिट्टी की मूर्तियों, बीज गणपति, प्लास्टिक-मुक्त सजावट, सौर ऊर्जा और कृत्रिम विसर्जन तालाबों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा।
- स्थानीय रोजगार व युवा: महिला स्वयं सहायता समूहों को मोदक व प्रसाद बिक्री के लिए मंच मिलेगा। युवाओं और छात्रों के लिए मिट्टी की मूर्ति बनाने की कार्यशालाएं और ‘गणेश और विज्ञान’ पर प्रतियोगिताएं होंगी।
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मुफ्त स्वास्थ्य जांच, सीपीआर (CPR) ट्रेनिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। दिव्यांगजनों के लिए रैंप और सुलभ दर्शन की व्यवस्था होगी।
सांस्कृतिक कार्य विभाग और पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी को इन सभी आयोजनों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।






