Indian Premier League में टॉस सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि मैच की दिशा तय करने वाला अहम पल होता है। खासकर शाम के मुकाबलों में ओस यानी ड्यू बड़ा फैक्टर बन जाती है, जिससे टॉस जीतने वाली टीम को रणनीतिक फायदा मिलता है। यही वजह है कि टॉस को लेकर हर सीजन में चर्चा और कभी-कभी विवाद भी देखने को मिलते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस टॉस में इस्तेमाल होने वाला सिक्का किस चीज से बना होता है और इसका डिजाइन इतना खास क्यों होता है।

कैसा होता है IPL टॉस का खास सिक्का
IPL में टॉस के लिए इस्तेमाल होने वाला सिक्का सामान्य सिक्कों जैसा नहीं होता। इसके दोनों तरफ साफ तौर पर ‘H’ और ‘T’ लिखा होता है, जो हेड्स और टेल्स को दर्शाता है। सिक्का आमतौर पर चमकदार धातु से बना होता है और बीच में गहरा डिजाइन दिया जाता है। कई बार इसमें टूर्नामेंट के स्पॉन्सर या ब्रॉडकास्ट पार्टनर का नाम भी शामिल होता है। इसका डिजाइन हर सीजन में थोड़ा बदल सकता है ताकि लीग की ब्रांडिंग और थीम को दर्शाया जा सके। यह सिक्का देखने में आकर्षक होता है और इसे खास तौर पर बड़े स्टेडियम माहौल के लिए तैयार किया जाता है।
किन धातुओं से बनता है यह टॉस सिक्का
रिपोर्ट्स के अनुसार IPL टॉस में इस्तेमाल होने वाला सिक्का आमतौर पर तांबा (Copper) और निकल (Nickel) के मिश्रण से बनाया जाता है। कुछ विशेष संस्करणों में इस पर हल्की सोने की परत (Gold Plating) भी चढ़ाई जाती है ताकि यह प्रीमियम लुक दे सके। इसका वजन लगभग 10 से 12 ग्राम के बीच होता है। इसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India विशेष डिजाइन के तहत तैयार करवाता है। एक सीजन में लगभग 20 से 25 ऐसे सिक्के बनाए जाते हैं और हर वेन्यू को कुछ विशेष सिक्के दिए जाते हैं ताकि उनका इस्तेमाल पूरे टूर्नामेंट में किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय मैचों के सिक्कों से कितना अलग होता है IPL सिक्का
IPL टॉस का सिक्का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले सिक्कों से काफी अलग होता है। अंतरराष्ट्रीय मैचों में आमतौर पर साधारण धातु के सिक्के इस्तेमाल किए जाते हैं जिन पर ज्यादा ब्रांडिंग या डिजाइन नहीं होता। जबकि IPL में यह एक मार्केटिंग और ब्रांडिंग टूल भी बन जाता है। इसकी चमक, डिजाइन और स्पॉन्सर लोगो इसे खास बनाते हैं। यही वजह है कि IPL का टॉस सिर्फ खेल का हिस्सा नहीं बल्कि एक विजुअल इवेंट भी बन जाता है, जिसे करोड़ों दर्शक टीवी और स्टेडियम में देखते हैं।








