योग नगरी ऋषिकेश के पास रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बड़ा हादसा सामने आया। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के नजदीक खंड गांव इलाके में सोमवार रात करीब 9:30 बजे उज्जैन एक्सप्रेस के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय ट्रेन पूरी तरह खाली थी, जिससे किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा। घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा, शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा
रेलवे की शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को कारण बताया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार नियमित रखरखाव के दौरान ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में गंभीर खराबी आ गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारी घटना के करीब ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंचे। इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई थी, जिसे GRP ने नियंत्रित किया।
लगातार रेल हादसों से बढ़ी चिंता, सासाराम और रतलाम में भी घटनाएं
देश में लगातार हो रहे ट्रेन हादसों ने सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। इसी दिन सुबह सासाराम रेलवे स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। इससे पहले रविवार को रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के पास राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में भी आग लगने की घटना सामने आई थी।
रेलवे विभाग ने शुरू की जांच, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन पर दबाव बढ़ा। ऋषिकेश हादसे के बाद रेलवे विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है और तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। लगातार हो रहे रेल हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासन पर सुधार का दबाव बढ़ गया है।








