बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे आज से ही बिहार के लिए काम शुरू कर देंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य में अब केवल मोदी और नीतीश मॉडल ही लागू रहेगा। पटना के लोकभवन में हुए इस शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और पूरे राज्य में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

नीतीश कुमार के बाद भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की सत्ता का नेतृत्व अब भारतीय जनता पार्टी के हाथों में आ गया है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सरकार की कमान संभाल ली है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने प्रशासनिक कामकाज भी शुरू कर दिया। यह पहली बार है जब बिहार में भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है जिससे राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
नेताओं की प्रतिक्रिया और विकास मॉडल पर जोर
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास की जो नींव रखी थी उसे अब सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। वहीं भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने कहा कि सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में विकसित बिहार के सपने को आगे बढ़ाएंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री और नई जिम्मेदारी
बिहार में एनडीए की सरकार पहले से ही सत्ता में थी लेकिन मुख्यमंत्री पद पर अब तक नीतीश कुमार का दबदबा रहा था। बदले राजनीतिक हालात में भाजपा को पहली बार राज्य का नेतृत्व करने का मौका मिला है। सम्राट चौधरी पहले नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। अब नई सरकार में जदयू के नेताओं को भी उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव को बिहार की राजनीति में एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।








संसद में हंगामा महिला आरक्षण 2023 कानून लागू होने पर उठे गंभीर सवाल