रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर बेहद विवादित बयान दिया। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। उनके इस बयान ने तुरंत ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस को जन्म दे दिया।

समानता और संविधान का दिया हवाला
अपने संबोधन में Rahul Gandhi ने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर और सामाजिक सुधारकों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत किसी एक जाति या संगठन का नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों का है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इसके मूल्यों को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह पर गंभीर आरोप
सभा के दौरान Rahul Gandhi ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने देश के संवैधानिक ढांचे पर हमला किया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे खुलकर पीएम मोदी और अमित शाह को ‘गद्दार’ कहें। उनके अनुसार, यह आरोप देश को बेचने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की दिशा में किए गए कार्यों पर आधारित हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
बीजेपी का कड़ा पलटवार और राजनीतिक तनाव
राहुल गांधी के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को नहीं बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का अपमान किया है। पार्टी ने उनकी मानसिकता को “अर्बन नक्सल सोच” बताते हुए तीखी आलोचना की है। साथ ही आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के खिलाफ पाकिस्तान जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सियासी तनाव और गहरा गया है।








