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राघव चड्ढा ने AAP से नाता तोड़ा वीडियो में बताए अंदरूनी विवाद के संकेत

By Neha
On: Monday, April 27, 2026 3:41 PM
राघव चड्ढा ने AAP से नाता तोड़ा वीडियो में बताए अंदरूनी विवाद के संकेत
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आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा का पहला वीडियो सामने आया है जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। सोमवार को जारी इस वीडियो में उन्होंने खुलकर अपने फैसले के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर का माहौल अब पहले जैसा नहीं रहा और नेताओं को काम करने से रोका जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर एक दो लोग गलत हो सकते हैं तो सभी सात सांसदों का एक साथ फैसला गलत नहीं हो सकता। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

फैसले पर उठे सवालों का दिया जवाब

राघव चड्ढा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें कई तरह के संदेश मिले। कुछ लोगों ने उन्हें नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं जबकि कुछ ने उनके फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने वीडियो के जरिए अपनी बात स्पष्ट करना जरूरी समझा। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया बल्कि लंबे समय से चल रही परिस्थितियों के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि उनका उद्देश्य हमेशा जनता की सेवा करना रहा है।

 

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15 साल का सफर और पार्टी पर गंभीर आरोप

चड्ढा ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा था। वह आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे और उन्होंने अपनी जवानी के 15 साल पार्टी को खड़ा करने में लगा दिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए खून पसीना बहाया लेकिन अब पार्टी की दिशा बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कुछ लोगों के हाथों में सिमट गई है जो निजी लाभ के लिए काम कर रहे हैं और नेताओं को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है।

नए मंच से जनता के मुद्दे उठाने का वादा

राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। उनके पास तीन विकल्प थे राजनीति छोड़ना पार्टी में रहकर संघर्ष करना या फिर नई दिशा में आगे बढ़ना। उन्होंने तीसरा रास्ता चुना और छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि नए राजनीतिक मंच पर वह जनता के मुद्दों को और मजबूती से उठाएंगे और समाधान खोजने का प्रयास करेंगे। इस फैसले के साथ उन्होंने यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में उनकी राजनीति का फोकस विकास और जनहित पर रहेगा।

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