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छऊ मेले में प्रेमी जोड़े की हत्या का खुलासा, दोस्त निकला खूनी दुश्मन

By Neha
On: Wednesday, May 27, 2026 4:05 PM
छऊ मेले में प्रेमी जोड़े की हत्या का खुलासा, दोस्त निकला खूनी दुश्मन
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झारखंड के खूंटी जिले के सायको थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। छऊ नृत्य मेला देखने गए दो किशोरों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। पुलिस ने अब इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक यह हत्या आपसी रंजिश और शक के कारण की गई थी। खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य आरोपी सुम्बर सिंह मानकी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शव छिपाने में मदद करने वाले दो अन्य आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया है।

दोस्ती और भरोसे से शुरू हुई खूनी कहानी

पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। मुख्य आरोपी सुम्बर सिंह मानकी की हाल ही में शादी हुई थी। शादी के कुछ समय बाद वह काम के सिलसिले में दूसरे राज्य चला गया। जाते समय उसने अपने सबसे करीबी दोस्त विशु पाहन को अपनी पत्नी की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन सुम्बर की गैरमौजूदगी में उसकी पत्नी की दोस्ती किसी अन्य युवक से हो गई। जब सुम्बर वापस लौटा तो उसे इस पूरे मामले की जानकारी मिली। इस बात ने उसे अंदर तक झकझोर दिया। उसे लगा कि उसके दोस्त विशु ने उसका भरोसा तोड़ा और उसे सच्चाई नहीं बताई। इसी शक और गुस्से ने उसके मन में बदले की आग पैदा कर दी।

17 मई की रात खेला गया खूनी खेल

बीते 17 मई की रात सायको इलाके में छऊ नृत्य का मेला चल रहा था। इसी मेले में विशु पाहन अपनी पूर्व प्रेमिका सुमी मुंडू के साथ पहुंचा था। पुलिस के अनुसार सुम्बर पहले से मौके की तलाश में था। जैसे ही उसे मौका मिला वह दोनों को मेला स्थल से कुछ दूरी पर ले गया और टांगी से विशु पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से विशु संभल भी नहीं पाया। जब सुमी ने अपने प्रेमी को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उस पर भी बेरहमी से वार कर दिए। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और लोग दहशत में आ गए।

पहाड़ की झाड़ियों में छिपाए गए शव

हत्या के बाद आरोपी ने अपने दो साथियों गोमेया सोय और बुधराम सोय को बुलाया। तीनों ने मिलकर दोनों शवों को मारंगबुरू पहाड़ की झाड़ियों में छिपा दिया ताकि किसी को शक न हो। अगले दिन पुलिस ने शव बरामद किए और जांच शुरू की। खूंटी एसपी के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई जिसने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी, खून से सने कपड़े, मिट्टी और चप्पल भी बरामद कर लिए हैं। इस पूरे हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शक और बदले की आग किस तरह इंसान को हैवान बना सकती है।

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