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भोपाल में बड़ी बैठक, मोहन यादव ने मंत्रियों की कार्यशैली पर किया कड़ा मूल्यांकन

By Neha
On: Monday, May 18, 2026 6:03 PM
भोपाल में बड़ी बैठक, मोहन यादव ने मंत्रियों की कार्यशैली पर किया कड़ा मूल्यांकन
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मध्य प्रदेश की राजनीति में रविवार को एक अहम प्रशासनिक और संगठनात्मक प्रक्रिया देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री आवास Dr. Mohan Yadav के समत्व भवन में राज्य सरकार के मंत्रियों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। यह बैठक ढाई साल की सरकार के प्रदर्शन को परखने के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें प्रत्येक मंत्री से अलग-अलग वन-टू-वन चर्चा की गई। इस दौरान भाजपा संगठन की ओर से राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि वास्तविक प्रदर्शन का आकलन करना था। मंत्रियों को उनके विभागीय काम, जमीनी स्तर पर उपस्थिति और संगठन के साथ समन्वय के आधार पर परखा गया।

“आपने कितना काम किया?”. मंत्रियों से सीधे पूछे गए सख्त सवाल

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रियों से बेहद सीधे और सख्त सवाल पूछे। उनसे पूछा गया कि वे अपने प्रभार वाले जिलों में कितनी बार गए, वहां विकास कार्यों की स्थिति क्या रही और कानून व्यवस्था कितनी मजबूत हुई। इसके अलावा यह भी जानने की कोशिश की गई कि मंत्रियों ने कितनी बार कोर कमेटी की बैठकें कीं, पार्टी कार्यालयों में समय बिताया और कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया या नहीं। बैठक में यह भी सवाल उठा कि क्या मंत्रियों ने अपने-अपने जिलों के सांसदों और विधायकों के साथ नियमित संवाद और भोजन जैसे कार्यक्रम किए। इन सवालों का उद्देश्य यह समझना था कि मंत्री केवल पद पर हैं या वास्तव में जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

नवाचार और संगठनात्मक जुड़ाव पर भी हुई गहन जांच

समीक्षा बैठक में केवल प्रशासनिक प्रदर्शन ही नहीं बल्कि नवाचार और संगठनात्मक जुड़ाव को भी प्रमुख आधार बनाया गया। मंत्रियों से पूछा गया कि उन्होंने अपने विभागों में ऐसा कौन सा नया प्रयोग किया जिससे कामकाज में सुधार आया और जनता को सीधा लाभ मिला। साथ ही यह भी आकलन किया गया कि मंत्रियों का पार्टी कार्यकर्ताओं और जिला संगठन के पदाधिकारियों के साथ तालमेल कैसा रहा। कमजोर विधानसभा क्षेत्रों और बूथ स्तर पर भाजपा के प्रदर्शन को सुधारने के लिए मंत्रियों ने क्या कदम उठाए, इस पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा प्रशासनिक चुनौतियों और विभागीय अड़चनों को लेकर भी मंत्रियों से जवाब मांगा गया ताकि भविष्य में सुधार की दिशा तय की जा सके।

संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की कोशिश

इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया को संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि आने वाले समय में केवल पद नहीं बल्कि प्रदर्शन ही मूल्यांकन का आधार होगा। मंत्रियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने जिलों में अधिक सक्रिय रहें और जनता के बीच सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से पहुंचाएं। बैठक के दौरान यह भी संकेत मिले कि आगामी महीनों में और सख्त समीक्षा प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। भाजपा संगठन का मानना है कि जमीनी स्तर पर सक्रियता और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव ही सरकार की सफलता का असली आधार है।

भविष्य की रणनीति और जवाबदेही पर फोकस

समीक्षा बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में प्रत्येक मंत्री की कार्यशैली पर लगातार नजर रखी जाएगी। सरकार और संगठन दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने संकेत दिए कि जो मंत्री अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे, उनसे और अधिक जवाबदेही तय की जाएगी। इस बैठक को केवल मूल्यांकन नहीं बल्कि भविष्य की रणनीति तैयार करने का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सरकार को और अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने पर जोर दिया गया है।

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