राजस्थान के जालोर जिले में सोमवार रात (23 मार्च) को पेट्रोल पंपों के बंद होने की अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने वाहनों के टैंक भरने के साथ-साथ पेट्रोल कैन, बोतल और जेरीकैन में भी ईंधन भरने लगे। पंपों पर लंबी कतारें सड़क तक फैल गईं। भीड़ के चलते एक पंप पर झगड़ा हो गया, जिसमें एक मोटरसाइकिल सवार गिर गया। इसके बाद पंप ऑपरेटर ने पेट्रोल देना बंद कर दिया और पुलिस को बुलाया।

अफवाहें फैलाने से लोगों में उत्पन्न हुआ तनाव
लोगों का कहना था कि पूरे देश में यह अफवाह फैल रही थी कि पेट्रोल पंप 1 अप्रैल तक बंद रहेंगे। इस खबर ने जालोर में वाहनों की लंबी कतारें पैदा कर दी। कई स्थानों पर पंपों पर संघर्ष और झगड़े देखने को मिले। जालोर जिले के एक पंप पर, मोटरसाइकिल गिरने के कारण टैंक फट गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने स्पष्ट किया कि यह केवल अफवाहें हैं। सभी पेट्रोल पंप चालू हैं और ईंधन उपलब्ध है।
सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए उठाए गए कदम
जिला सप्लाई अधिकारी नमिता नारवाल ने बताया कि जालोर जिले में पेट्रोल पंपों के सुचारू संचालन और ईंधन की निरंतर आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन ऑयल समेत सभी तेल विपणन कंपनियों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इस वजह से जिले में किसी प्रकार की पेट्रोल की कमी या “ड्राई-आउट” की स्थिति नहीं है।
जनता को अफवाहों से बचाने और भरोसा बनाए रखने की कोशिश
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल विश्वसनीय सूत्रों से ही जानकारी लें। ईंधन आपूर्ति पूरी तरह से सुनिश्चित की गई है। पंप ऑपरेटर और प्रशासन ने मिलकर इस तरह की अफवाहों से उत्पन्न तनाव को कम करने और सामान्य स्थिति बनाए रखने की कोशिश की। अब सभी पंप नियमित रूप से संचालन कर रहे हैं और लोग सुरक्षित तरीके से ईंधन भर सकते हैं।








