भारत ने हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर अभय उर्फ अभय राणा को पुर्तगाल से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर एक बड़ी कानूनी और सुरक्षा सफलता हासिल की है। लंबी कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे भारत लाया गया, जहां अब उसके खिलाफ विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में मुकदमा चलेगा। इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास ने की है। दूतावास के अनुसार यह कार्रवाई भारत और पुर्तगाल के बीच प्रत्यर्पण संधि और इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर पूरी की गई।

इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक अभय राणा हरियाणा के कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ था। इसी आधार पर पुर्तगाल की एजेंसियों ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार किया। शनिवार को सीबीआई और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंची। अब उससे पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। उस पर रंगदारी वसूली, हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और संगठित अपराध सिंडिकेट चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
CBI, in coordination with MEA and MHA, has successfully secured the extradition of Red Notice subject Abhay alias Abhay Rana from Portugal to India on 09.05.2026.
He was wanted by Haryana Police in a number of criminal cases registered in Haryana, involving offences such as… pic.twitter.com/OwAiROQG4Y
— ANI (@ANI) May 9, 2026
फिरौती का नेटवर्क, सोशल मीडिया से कारोबारियों को धमकाने का आरोप
हरियाणा पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि अभय राणा का गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए कारोबारियों को निशाना बनाता था। गिरोह की ओर से लगातार फिरौती की मांग की जाती थी और मांग पूरी न होने पर हिंसक हमले तक किए जाते थे। करनाल को इस गिरोह का मुख्य ऑपरेशन क्षेत्र बताया जा रहा है, जहां उसके खिलाफ सबसे गंभीर मामला दर्ज है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके आर्थिक व आपराधिक कनेक्शन की जांच में जुटी हुई है।
भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक और सुरक्षा सफलता
इस पूरे ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सीबीआई, हरियाणा पुलिस और लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास ने संयुक्त रूप से काम किया। हरियाणा पुलिस की विशेष एस्कॉर्ट टीम पुर्तगाल भेजी गई थी, जिसने आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की। भारत सरकार ने इस कार्रवाई को विदेशों में छिपे भगोड़ों के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रत्यर्पण आने वाले समय में अन्य वांछित अपराधियों के खिलाफ भी मजबूत संदेश देगा कि कानून से बचना अब आसान नहीं है।






