वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में एक बड़े आर्थिक घोटाले ने व्यापारिक जगत को हिला कर रख दिया है। प्रतिष्ठित फर्म ‘मान्यवर सिल्क मिल्स’ और ‘फैशन क्यू टेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रोपराइटर मुकेश जागेटिया ने प्रेस वार्ता कर 4 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा था और इसमें फर्म के ही कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। जनवरी 2024 में प्रताप नगर थाने में दर्ज एफआईआर के बावजूद अब तक मामले में पूरी कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कर्मचारियों पर साजिश के तहत गबन के आरोप
मुकेश जागेटिया के अनुसार, सात कर्मचारियों ने वर्ष 2016 से 2023 के बीच मिलकर कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि इन लोगों ने बिना जीएसटी और बिना बिल के माल बेचकर भुगतान निजी खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लिया। साथ ही नकली रसीदें और डुप्लीकेट इनवॉइस तैयार कर कंपनी के अकाउंट सिस्टम में हेरफेर किया गया। मुख्य आरोपी भंवर सिंह कानावत की डायरी से यह भी सामने आया कि वह 2.02 करोड़ रुपये की फर्जी ‘बीसी’ चला रहा था, जिसमें रिश्तेदारों के नाम पर कंपनी का पैसा ट्रांसफर किया गया। इस पूरे नेटवर्क ने धीरे-धीरे कंपनी की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद पुलिस की भूमिका को लेकर सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद जांच में जानबूझकर देरी की गई। राजस्थान हाईकोर्ट और निचली अदालत ने 30 दिन में जांच पूरी करने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस समयसीमा का पालन नहीं कर सकी। इसी देरी के कारण मुख्य आरोपियों को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने का मौका मिल गया। हैरानी की बात यह है कि कई अधिकारियों द्वारा गबन की पुष्टि के बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी भी तब हुई जब कोर्ट का दबाव बढ़ा, जबकि अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
न्याय की मांग और आंदोलन की चेतावनी
मुकेश जागेटिया ने इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड अशोक बोहरा को बताया है और कई अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध बताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, लेकिन अब तक उन खातों को फ्रीज नहीं किया गया है। पीड़ित ने प्रशासन और न्यायपालिका से मांग की है कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, संदिग्ध खातों की जांच हो और गबन की रकम से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त किया जाए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। यह मामला सिर्फ एक व्यापारी का नहीं, बल्कि पूरे भीलवाड़ा के व्यापारिक विश्वास पर सवाल खड़ा करता है।






