पंजाब में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। बाजवा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने विधायकों का सौदा करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने विधायकों को लेकर दिल्ली जाते हैं तो स्थिति पूरी तरह बदल सकती है और राजनीतिक समीकरण बिगड़ सकते हैं। इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

विधायकों के भाजपा में जाने के दावे से बढ़ा विवाद
प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के कई विधायक दिल्ली में भाजपा नेताओं से संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 50 विधायक ऐसे हैं जो कथित तौर पर बातचीत कर रहे हैं और उनकी राजनीतिक दिशा बदल सकती है। बाजवा ने आरोप लगाया कि इन विधायकों की “कीमत तय” हो चुकी है और जल्द ही बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बयान ने पंजाब की सियासत में हलचल और बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री मान पर पलटवार और गंभीर राजनीतिक आरोप
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली यात्रा को लेकर सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी पार्टी के विधायक भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री खुद भाजपा में जाने की तैयारी कर सकते हैं और राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। बाजवा ने यहां तक कहा कि आने वाले समय में और भी बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।
कांगड़ा दौरे से जुड़े बयान और संगठनात्मक गतिविधियां
प्रताप सिंह बाजवा यह बयान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित कांग्रेस संगठन सृजन अभियान शिविर के दौरान दिया गया। इस कार्यक्रम में कई राज्यों के जिला अध्यक्ष शामिल हुए थे और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कांगड़ा पहुंचे थे। इस पूरे घटनाक्रम के बीच बाजवा के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है और पंजाब की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।








