सीबीएसई बोर्ड के 12वीं के लाखों छात्रों के लिए इन दिनों रिजल्ट से ज्यादा परेशानी आंसर शीट की कॉपी को लेकर खड़ी हो गई है। बोर्ड की ओर से छात्रों को उनकी जांची हुई उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया था। लेकिन पोर्टल खुलते ही तकनीकी समस्याओं ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी। 19 मई को जैसे ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई वैसे ही बड़ी संख्या में छात्रों को “Service Unavailable” और “Site is Under Updation” जैसे मैसेज दिखाई देने लगे। कई छात्रों ने घंटों तक कोशिश की लेकिन वेबसाइट नहीं खुली। सोशल मीडिया पर छात्रों ने लगातार अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि बोर्ड ने सुविधा तो शुरू कर दी लेकिन तकनीकी तैयारी पूरी नहीं की। छात्रों का कहना है कि जब पोर्टल ही काम नहीं करेगा तो वे अपनी कॉपी कैसे देख पाएंगे। इस समस्या ने उन छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है जो अपने अंकों को लेकर पहले से ही असमंजस में हैं।

एक दिन बढ़ी तारीख लेकिन छात्रों को राहत नहीं
सीबीएसई ने बढ़ती शिकायतों को देखते हुए आवेदन की आखिरी तारीख 22 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। हालांकि छात्रों का कहना है कि केवल एक दिन का अतिरिक्त समय किसी भी तरह पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि वेबसाइट कई-कई घंटों तक बंद रहती है और आवेदन प्रक्रिया पूरी ही नहीं हो पा रही। कुछ छात्रों ने बताया कि साइट कभी खुलती है तो बीच में बंद हो जाती है। वहीं कई छात्रों ने मांग की है कि कम से कम एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सके। अभिभावकों ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई है और कहा है कि बोर्ड को तकनीकी दिक्कतों को पहले ठीक करना चाहिए था। लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच सीबीएसई पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह जल्द से जल्द पोर्टल को पूरी तरह चालू करे और छात्रों को राहत दे।
पहले कॉपी दिखेगी फिर होगा पुनर्मूल्यांकन
सीबीएसई ने इस बार प्रक्रिया में बदलाव करते हुए पहले छात्रों को उनकी जांची हुई उत्तर पुस्तिका दिखाने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य यह है कि छात्र खुद अपनी कॉपी देखकर समझ सकें कि उन्हें कहां नंबर मिले हैं और कहां कटे हैं। इसके बाद अगर किसी छात्र को लगता है कि नंबर जोड़ने में गलती हुई है या उत्तर सही होने के बावजूद अंक कम दिए गए हैं तो वह अगले चरण में पुनर्मूल्यांकन या नंबरों की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकेगा। बोर्ड के अनुसार 26 मई से 29 मई के बीच पुनर्मूल्यांकन और शिकायत से जुड़ी प्रक्रिया शुरू होगी। विशेषज्ञों की टीम फिर से कॉपी की जांच करेगी। बोर्ड ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया के बाद नंबर बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं। यही वजह है कि छात्र अपनी कॉपी देखने को बेहद जरूरी मान रहे हैं ताकि आगे की प्रक्रिया के लिए सही फैसला ले सकें।
छात्रों की बेचैनी के बीच बोर्ड पर बढ़ा दबाव
तकनीकी समस्या की वजह से हजारों छात्र लगातार मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रिजल्ट आने के बाद से वे पहले ही दबाव में हैं और अब पोर्टल की खराब व्यवस्था ने परेशानी और बढ़ा दी है। कुछ छात्रों का कहना है कि बोर्ड को सर्वर क्षमता बढ़ानी चाहिए थी क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में छात्र आवेदन करते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया तभी सफल मानी जाएगी जब वह बिना रुकावट के चले। फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की नजर अब सीबीएसई के अगले कदम पर टिकी हुई है। अगर जल्द समस्या हल नहीं हुई तो छात्रों का गुस्सा और बढ़ सकता है। वहीं बोर्ड के सामने चुनौती यह है कि वह तकनीकी खामियों को दूर कर छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करे।







