पालघर | 17 जुलाई 2026
लोकतंत्र के महापर्व ‘मतदाता पंजीकरण’ प्रक्रिया के बीच साइबर अपराधियों ने नया जाल बिछाया है। जिला निर्वाचन प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ मतदाताओं को व्हाट्सएप के जरिए फर्जी संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें ‘दस्तावेजों के सत्यापन’ के नाम पर उनसे निजी और बैंकिंग जानकारी मांगी जा रही है।
क्या है मामला?
ठग मतदाताओं को संदेश भेजकर यह दावा कर रहे हैं कि उनके पंजीकरण दस्तावेजों की जांच (Verification) चल रही है। इसके लिए उन्हें किसी संदिग्ध मोबाइल नंबर पर कॉल करने या लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग की स्पष्ट चेतावनी:
जिला चुनाव प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- शुल्क नहीं: भारत निर्वाचन आयोग अपनी किसी भी सेवा के लिए कोई भी शुल्क नहीं लेता है। यदि कोई आपसे पैसे मांगता है, तो वह फर्जी है।
गोपनीयता:z अपना ओटीपी (OTP), बैंक विवरण या कोई भी व्यक्तिगत दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।- आधिकारिक स्रोत ही विश्वसनीय: किसी भी संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। मतदान से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालय से ही संपर्क करें।
कहाँ करें शिकायत?
किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत 1950 मतदाता हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। इसके अलावा, जिला-वार सहायता केंद्रों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट https://ceoelection.maharashtra.gov.in/ceo/Districtvoterhelpline.aspx पर देखी जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल पर दी गई जानकारी को ही अंतिम और सत्य माना जाए।
नागरिक जागरूक रहें, अफवाहों से बचें और साइबर अपराधियों को सफल न होने दें।






