खबरदीप जनमंच ब्यूरो पालघर
पालघर जिले में हो रही मूसलाधार बारिश और उसके कारण उत्पन्न बाढ़ की गंभीर स्थिति के मद्देनजर, महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने मंगलवार को जिले का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलजमाव और बाधित जनजीवन के बीच, मंत्री ने प्रशासन को बचाव कार्यों में तेजी लाने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य
मंत्री महाजन ने जव्हार, मनोर और विक्रमगड तालुका के ‘पांचमाड नाले’ स्थित पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान सांसद हेमंत सावरा, जिलाधिकारी डॉ. इंदुरानी जाखड़, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी डॉ. इंदुरानी जाखड़ ने अवगत कराया कि प्रशासन ने अब तक करीब 1,200 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर उनके लिए अस्थायी आश्रय केंद्रों में भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं। जिले में भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मृत्यु की सूचना है। मंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में निरंतरता बनाए रखने और प्रभावितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।
वैज्ञानिक अध्ययन से स्थायी समाधान की ओर कदम
पालघर में हर वर्ष बाढ़ की समस्या से जूझ रहे नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से मंत्री गिरीश महाजन ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक प्रतिष्ठित संस्था के माध्यम से जिले की भौगोलिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा और इसके लिए एक ‘विशेष अध्ययन समूह’ का गठन किया जाएगा। इस अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर सरकार भविष्य में दीर्घकालिक और स्थायी सुरक्षात्मक उपाय योजनाएं लागू करेगी।
बांध सुरक्षा और ग्रामीणों की समस्याओं पर संज्ञान
दौरे के दौरान मंत्री महाजन ने माहीम केलवा (झांझरोली) बांध का भी निरीक्षण किया। भारी बारिश के चलते बांध की सुरक्षा दीवार (पिचिंग) को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए उन्होंने जलसंपदा विभाग को तत्काल मरम्मत और एहतियाती सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए।
साथ ही, मात्रेवाडी और केलवा माहीम बांध के निकटवर्ती ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री ने उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों की मांग पर, दो बस्तियों को जोड़ने वाले पुल के निर्माण के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को तत्काल प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रस्तुत करने के आदेश दिए। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।






