पालघर में राज्य स्तरीय शुभारंभ: मंत्री भरत गोगावले करेंगे योजना का अनावरण
पालघर, 30 जून 2026: ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को धरातल पर उतारते हुए, केंद्र सरकार द्वारा ‘विकसित भारत रोजगार व आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (Viksit Bharat Rojgar aur Aajivika Mission – Gramin), जिसे संक्षिप्त में VB-G RAM G कहा गया है, अधिनियम 2025 का कार्यान्वयन महाराष्ट्र में 1 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है। इसी उपलक्ष्य में, 2 जुलाई 2026 को राज्य के सभी जिलों में भव्य जन-सम्मेलन और शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मनरेगा से आगे का सफर: क्या है नया बदलाव?
अब तक ग्रामीण रोजगार का मुख्य आधार ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (MGNREGA – Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) रहा है, जो 2005 से लागू था। केंद्र सरकार ने इस योजना में व्यापक विस्तार करते हुए इसे अब ‘विकसित भारत रोजगार व आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ के रूप में नया स्वरूप दिया है।
इस नई योजना और पुरानी योजना में मुख्य अंतर और विस्तार निम्नलिखित हैं:

- रोजगार में वृद्धि: पुरानी योजना (MGNREGA) के तहत जहाँ ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, वहीं अब नई योजना (VB-G RAM G) के अंतर्गत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे परिवारों की वार्षिक आय में सीधी वृद्धि होगी।
- व्यापक दृष्टिकोण: पुराना अधिनियम मुख्य रूप से अकुशल शारीरिक श्रम तक केंद्रित था, जबकि यह नया मिशन रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास (Skill Development) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सर्वांगीण सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है।
- लक्ष्य: इस मिशन का उद्देश्य न केवल मजदूरी सुनिश्चित करना है, बल्कि गांवों में स्थायी संपत्तियों का निर्माण कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
- पालघर में मुख्य कार्यक्रम की रूपरेखा
पालघर जिले में इस मिशन का मुख्य कार्यक्रम ग्राम पंचायत डोलहारी बुद्रुक (जिला परिषद स्कूल मुसलेपाड़ा, खोमारपाड़ा, तालुका विक्रमगढ़) में सुबह 9:00 बजे आयोजित किया गया है। महाराष्ट्र सरकार के रोजगार गारंटी योजना, बागवानी एवं खारी भूमि विकास मंत्री भरत गोगावले के मुख्य आतिथ्य में इस योजना का विधिवत शुभारंभ होगा। - डिजिटल संवाद के जरिए जुड़ेंगे केंद्रीय मंत्री
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयं-सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों, मजदूरों और युवाओं की बड़ी भागीदारी अपेक्षित है। आयोजन का मुख्य आकर्षण केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के लाभार्थियों के साथ होने वाला सीधा संवाद होगा, जिसमें वे इस नई योजना के विजन और लक्ष्यों पर प्रकाश डालेंगे।
यह मिशन ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ‘गेम चेंजर’ सिद्ध होगा, जिससे न केवल ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि गांवों के बुनियादी ढांचे को भी नई गति मिलेगी।






