मुंबई, 29 जून: आषाढ़ी वारी के अवसर पर पंढरपुर की ओर पैदल यात्रा करने वाले लाखों वारकरियों की सेवा के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मार्थ अस्पताल सहायता प्रकोष्ठ (Charity Hospital Assistance Cell) की ओर से इस वर्ष भी ‘चरण सेवा’ अभियान का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से शुरू हुए इस उपक्रम के तहत जिला प्रशासन, सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य संस्थान, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्वयंसेवकों के समन्वय से पालखी मार्ग पर स्थित पड़ाव स्थलों पर वारकरियों की चरण सेवा का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस अभियान के माध्यम से वारकरियों को स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जागरूकता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
चरण सेवा के लिए व्यापक समन्वय
इस वर्ष ‘चरण सेवा’ अभियान में सतारा, पुणे, सोलापुर, नासिक, बुलढाणा, अकोला, जालना, बीड, नांदेड़, धाराशिव और छत्रपति संभाजीनगर सहित कुल 11 प्रमुख जिले शामिल हैं। पालखी मार्ग के लगभग 400 विश्राम स्थलों पर वारकरियों के लिए चरण सेवा और चिकित्सा सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।
मुख्यमंत्री सहायता निधि के समन्वय से 12 हजार से अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल छात्र और स्वयंसेवक इस अभियान में सहभागी होकर वारकरियों की सेवा में जुटे हैं।

3 हजार लीटर आयुर्वेदिक तेल से मालिश
आषाढ़ी वारी के दौरान लंबी पैदल यात्रा के कारण वारकरियों के पैरों में सूजन, दर्द, छाले और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं आम होती हैं। इन समस्याओं से राहत दिलाने के लिए पालखी मार्ग पर प्रशिक्षित चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। अभियान के तहत आयुर्वेदिक तेल से मालिश, फिजियोथेरेपी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 3 हजार लीटर आयुर्वेदिक तेल का प्रबंध किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध है।
8 स्वास्थ्य रथों के माध्यम से जागरूकता
चरण सेवा के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देने के लिए 8 ‘आरोग्य जागरूकता रथ’ संचालित किए जा रहे हैं। इन रथों के माध्यम से स्वच्छता का महत्व, संक्रामक रोगों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही, चुनिंदा स्थानों पर वारकरियों के लिए योग सत्रों का भी आयोजन किया जा रहा है। पिछले वर्ष इस अभियान का लाभ 1 लाख 75 हजार से अधिक वारकरियों ने उठाया था।
‘भक्ति विठोबा की… सेवा स्वास्थ्य की’
यह अभियान ‘भक्ति विठोबा की… सेवा स्वास्थ्य की’ संकल्पना पर आधारित है, जो वारकरी परंपरा के सेवाभाव को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ जोड़ता है। मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मार्थ अस्पताल सहायता प्रकोष्ठ के प्रमुख रामेश्वर नायक ने कहा कि, “वारकरियों की सेवा ही विठ्ठल की सेवा है। इस भावना के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह अभियान वारकरियों की यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रशासन ने सभी वारकरियों, दिंडी प्रमुखों और पालखी मार्ग के नागरिकों से इस स्वास्थ्य सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।






