महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के संभावित दलबदल की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए हिंदुत्व से दूरी को जिम्मेदार ठहराया है।उद्धव ठाकरे पर भाजपा का सीधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना अपनी मूल विचारधारा से भटक गई है। उनका दावा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन और हिंदुत्व से दूरी ने पार्टी के भीतर असंतोष पैदा किया, जिसके परिणामस्वरूप पहले विधायक और अब सांसद भी अलग राह चुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिवसेना की मूल पहचान हिंदुत्व रही है और जो नेता एवं कार्यकर्ता इस विचारधारा से जुड़े रहे, वे आज एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ खड़े हैं।
छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने का दावा
आरपी सिंह ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के छह सांसद जल्द ही एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जुड़ सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन अटकलों ने चर्चाओं को तेज कर दिया है।
यदि ऐसा होता है तो यह उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
राम मंदिर चंदा विवाद पर भाजपा का जवाब
राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पाकिस्तान को लेकर दिया सख्त संदेश
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि आतंकवाद और पानी एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा तो भारत उससे किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भारत किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस को घेरा
जम्मू-कश्मीर के विकास और बदले हालातों को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश की।
आरपी सिंह ने कहा कि थरूर ने वही कहा है जो वास्तविकता है। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है और वहां सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं।
पंजाब में सरकार बनाने का दावा
भाजपा ने पंजाब की राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया है। आरपी सिंह ने कहा कि पार्टी आगामी चुनावों में राज्य में सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
उन्होंने बताया कि पिछली बार भाजपा को करीब 18 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि इस बार पार्टी 40 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर टिकी नजरें
शिवसेना (UBT) में संभावित टूट की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में सांसदों और विधायकों की गतिविधियों पर सभी की नजरें रहेंगी। यदि राजनीतिक समीकरण बदलते हैं तो इसका असर केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।






