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विशेष मौसम बुलेटिन: महाराष्ट्र में आगामी 5 दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी; तीव्र आंधी, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की आधिकारिक चेतावनी

On: Tuesday, June 2, 2026 11:33 PM
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महाराष्ट्र : मुंबई, 02 जून 2026
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक मौसम वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर संपूर्ण महाराष्ट्र के वायुमंडल में आगामी पांच दिनों (2 जून से 6 जून 2026 तक) के लिए विशेष प्रशासनिक बुलेटिन जारी किया गया है। वायुमंडलीय दबाव में आ रहे तीव्र उतार-चढ़ाव के कारण राज्य के अधिकांश अंचलों में भीषण कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) तथा 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने का प्रामाणिक पूर्वानुमान है।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम महाराष्ट्र के कुछ संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका व्यक्त की गई है। जान-माल की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को संभावित नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा विस्तृत अंचलवार विवरण तथा विशेष कृषि-मौसम परामर्श (Agromet Advisory) जारी किया गया है।

अंचलवार विस्तृत प्रादेशिक मौसमी पूर्वानुमान

1. मुंबई महानगर और उत्तर कोंकण बेल्ट

पालघर अंचल: शुरुआती 48 घंटों (2 और 3 जून) के दौरान मौसम अत्यधिक गर्म और उमस भरा बना रहेगा, जिसके प्रभाव से दोपहर या ढलती शाम को आंशिक बादल छा सकते हैं। 4 जून (गुरुवार) को इस अंचल में मौसमी गतिविधियां सबसे उग्र रूप ले सकती हैं; इस दौरान कड़कती बिजली के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से अंधड़ चलने और मध्यम बारिश की गंभीर आशंका है। 5 जून को आंशिक राहत और 6 जून को मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।
ठाणे अंचल: आज (2 जून) अत्यधिक उमस के बाद देर शाम गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 3 जून को दोपहर या शाम के समय तीव्र आंधी और मध्यम वर्षा की स्थिति बन सकती है। आगामी दो दिनों तक गरज-चमक का यह क्रम निरंतर जारी रहने का अनुमान है।
मुंबई महानगर: देश की आर्थिक राजधानी में प्रारंभिक दो दिनों तक भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप रहेगा, जिसके पश्चात अचानक गरज-चमक के साथ बौछारें गिरेंगी। मध्य अवधि में हल्की से मध्यम बारिश और अंतिम दिनों में हल्की वर्षा दर्ज होने की वैज्ञानिक संभावना है।

2. दक्षिण कोंकण तटीय क्षेत्र
रायगढ़ अंचल: तटीय अवस्थिति के कारण शुरुआती दो दिनों तक भारी उमस और शाम को बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। हालांकि, 4 और 5 जून को रायगढ़ में प्रकृति का उग्र रूप देखने को मिल सकता है; मौसम विज्ञान केंद्र ने यहाँ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की विनाशकारी हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग: रत्नागिरी अंचल के लिए लगातार 5 दिनों का मौसम अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ बादलों की भीषण गड़गड़ाहट, 40 से 50 किमी/घंटा की आंधी और मध्यम दर्जे की भारी बारिश की संभावना है। सिंधुदुर्ग जिले में भी पूरे 5 दिन लगातार आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाओं के साथ वर्षा का दौर जारी रहेगा।

3. उत्तर महाराष्ट्र और नासिक संभाग

धुले एवं नंदुरबार अंचल: इन दोनों क्षेत्रों में आज (2 जून) हल्की से मध्यम बारिश और कल (3 जून) हल्की बारिश की संभावना है। 4 जून को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ेगा और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है।
जलगांव अंचल: आज (2 जून) इस अंचल के लिए मौसम सबसे संवेदनशील है। यहाँ बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटा की तीव्र आंधी और मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।
नासिक एवं घाट क्षेत्र: नासिक संभाग सहित इसके ऊंचे पहाड़ी (घाट) इलाकों में लगातार तीन दिनों तक आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी (30-40 किमी/घंटा) और हल्की से मध्यम बारिश का दौर सक्रिय रहेगा।

4. पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

कोल्हापुर एवं सातारा (विशेष ओलावृष्टि अलर्ट): इन दोनों जिलों तथा इनके अंतर्गत आने वाले घाट क्षेत्रों में आज (2 जून) मौसम का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है। यहाँ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने और 50 से 60 किमी/घंटा की अत्यंत तेज रफ्तार से आंधी चलने के साथ-साथ भारी ओलावृष्टि की गंभीर प्रशासनिक चेतावनी जारी की गई है।
पुणे, अहिल्यानगर, सांगली एवं सोलापुर: इन क्षेत्रों में अगले 3 से 4 दिनों तक बिजली की कड़कड़ाहट और 40-50 किमी/घंटा की आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर अनवरत चलेगा।
मराठवाड़ा (छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव): छत्रपति संभाजीनगर और जालना में आज 50 से 60 किमी/घंटा की तेज आंधी और बारिश का अनुमान है। बीड, लातूर और धाराशिव में भी आगामी दो दिनों तक तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा) और मध्यम बारिश का अलर्ट है।

5. विदर्भ भूभाग
अकोला एवं अमरावती अंचल: आज यहाँ आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से बेहद तेज आंधी चलने की आशंका है। इसके पश्चात आगामी तीन दिनों तक दोबारा आंधी और बिजली चमकने का चक्र वापस आ सकता है।
नागपुर एवं वर्धा अंचल: विदर्भ के इन दोनों प्रमुख केंद्रों में पूरे 5 दिन तक लगातार आंधी-तूफान की चेतावनी है, जहाँ प्रतिदिन बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है।

सार्वजनिक सुरक्षा परामर्श: आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय
नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा हेतु प्रशासन द्वारा निम्नलिखित आधिकारिक दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया गया है:

खुले मैदानों से दूरी: बिजली चमकने या गरजने की स्थिति में खेतों, तालाबों या खुले मैदानों में कार्य तुरंत रोक दें और किसी पक्के कंक्रीट के मकान में शरण लें।
पेड़ों व खंभों के नीचे न रुकें: कड़कती बिजली के दौरान ऊंचे पेड़ों, अस्थायी शेड या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होना अत्यंत असुरक्षित है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आंधी-तूफान के समय घरों के सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामानों के प्लग को मुख्य सॉकेट से बाहर निकाल दें ताकि वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से कोई दुर्घटना न हो।
जलस्रोतों से सुरक्षा: यदि आप किसी नदी, तालाब या जलाशय के समीप हैं, तो तुरंत पानी से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाएं।

अन्नदाताओं के लिए विशेष कृषि-मौसम परामर्श (Agromet Advisory)
बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से फसलों और बागवानी को संभावित नुकसान से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा निम्नलिखित उपाय सुझाए गए हैं:

  1. त्वरित कटाई: जिन किसानों की खरीफ-पूर्व या बागवानी फसलें (जैसे आम, केला, पपीता) पककर तैयार हैं, वे बिना विलंब किए तुरंत उनकी कटाई कर सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाएं।
  2. फसल और चारे का संरक्षण: खेतों या खलिहानों में काटी गई फसल की मड़ाई यदि तुरंत संभव न हो, तो कटी हुई फसल और सूखे चारे को प्लास्टिक की मोटी वाटरप्रूफ तिरपाल से अच्छी तरह ढक दें।
  3. उद्यानिकी और सब्जियों को सहारा: आंधी की तेज गति (30 से 60 किमी/घंटा) को देखते हुए केले, पपीते के पौधों और लताओं वाली सब्जियों को लकड़ियों या बांस का मजबूत सहारा (Propping) प्रदान करें।
  4. कृषि रसायनों का निलंबन: आगामी कुछ दिनों तक खेतों में किसी भी प्रकार की सिंचाई न करें और कीटनाशकों या उर्वरकों के छिड़काव को पूरी तरह रोक दें।
  5. पशुधन की सुरक्षा: आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के दौरान पशुओं को खुले मैदानों, पेड़ों या लोहे के खंभों से न बांधें। उन्हें अनिवार्य रूप से पक्के और सुरक्षित वैज्ञानिक शेड के अंदर रखें।
    आधिकारिक संदर्भ संख्या: IMD-MH/WEA-ALRT/2026/02-06
    दस्तावेज़ सत्यापन कोड: 02.06.2026/MET-BULLETIN/PRO-01
    स्रोतः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), महाराष्ट्र सरकार
    जारी करने का समय:
    आधिकारिक रूप से सत्यापित एवं तत्काल प्रभाव से प्रसारित।

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