व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

आसमान से बरसती आफत में किसी मासूम का हौसला न टूटे, तपती धरती पर हरियाली का आँचल न छूटे; मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन के छतरी वितरण और वृक्षारोपण महा-यज्ञ में तन-मन-धन से आहुति दें

On: Tuesday, June 2, 2026 12:11 AM
---Advertisement---

विशेष रिपोर्ट: मनोर (पालघर) महाराष्ट्र, राष्ट्रीय समाचार भारत

१ जून २०२६
कहते हैं कि सेवा जब संकल्प बन जाती है, तो वह समाज के हर अंधेरे कोने को रोशन करने की ताकत रखती है। जून का महीना शुरू हो चुका है। एक तरफ जहाँ भीषण गर्मी से राहत देने वाली मानसून की पहली बारिश की बूंदें धरती को खुशहाल बनाएंगी, वहीं दूसरी तरफ हमारे ही आसपास के ग्रामीण और गरीब इलाकों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच देंगी।
यह चिंता है उन मासूम स्कूली बच्चों की, जिनके पास बारिश से बचने के लिए एक अदद छतरी (छाता) तक नहीं होती। जब आसमान में काले बादल छाते हैं, तो फटी हुई प्लास्टिक की बोरी सिर पर ताने या टूटी हुई छतरी के नीचे अपनी किताबों को भीगने से बचाते ये बच्चे हमारे समाज की एक कड़वी हकीकत हैं। कई बार तो बच्चे भीगकर बीमार हो जाते हैं या स्कूल जाना ही छोड़ देते हैं।
इसी हकीकत को बदलने, मासूमों के हौसलों को उड़ान देने और हमारी घायल होती धरती मां को नया जीवन देने का बीड़ा उठाया है देश की विश्वसनीय और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित अग्रणी संस्था ‘मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन‘ (MANAVAA KALYANKAREE FOUNDATION) ने। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मदन सिंह के कुशल नेतृत्व में इस मानसून सत्र में एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक महा-अभियान की शुरुआत की जा रही है।
भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार और संपूर्ण मानव जाति का कल्याण ही हमारा परम ध्येय
मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन किसी एक सीमित दायरे, वर्ग या जाति के लिए काम नहीं करता। मनोर, पालघर (महाराष्ट्र) ४०१४०३ स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय से संचालित होने वाली इस संस्था का मुख्य उद्देश्य “संपूर्ण मानव जाति का कल्याण” करना है।
संस्था सामाजिक न्याय, शिक्षा और जन-कल्याण के साथ-साथ गौरवशाली भारतीय संस्कृति, सनातन संस्कारों और नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह समर्पित है। हमारा मानना है कि भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ (सभी सुखी हों) को अपनाकर ही मानवता का सच्चा उत्थान संभव है। इसी सर्व-कल्याण की सोच के तहत इस बार फाउंडेशन दो बेहद महत्वपूर्ण कार्य एक साथ करने जा रहा है:

  1. मासूमों को छतरी का सहारा (मानव सेवा): आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के स्कूली बच्चों को मजबूत और सुंदर छतरियां मुफ्त बांटी जाएंगी। मकसद बिल्कुल साफ है—बारिश की मार की वजह से किसी भी गरीब का बच्चा शिक्षा के मंदिर जाने से महरूम न रहे। देश का भविष्य बीमार न पड़े और उसकी कॉपियों के पन्ने पानी में न गलें।
  2. धरती मां का हरा-भरा शृंगार (प्रकृति संरक्षण): हमारी संस्कृति में प्रकृति को ‘माता’ माना गया है। संपूर्ण मानव जाति का कल्याण तब तक संभव नहीं है जब तक हमारी प्रकृति सुरक्षित न हो। इसलिए मौसम की पहली बारिश के साथ ही फाउंडेशन बड़े पैमाने पर स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर छायादार व फलदार पौधे लगाने जा रहा है। हर बच्चे को एक पौधा सौंपकर उसे उसका ‘अभिभावक’ बनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा और पर्यावरण की सुरक्षा मिल सके। शोषित, पीड़ित और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के न्याय व हक के लिए समर्पित ‘राष्ट्र सेवा’
    मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन का सेवा रथ केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन शुद्ध रूप से राष्ट्र सेवा और सामाजिक न्याय के लिए खुद को समर्पित कर चुका है। संस्था का सबसे बड़ा संकल्प समाज के उस शोषित, पीड़ित, असहाय और जरूरतमंद व्यक्ति की आवाज बनना है, जो समाज की सबसे अंतिम पंक्ति में खड़ा है।
    हक और न्याय की लड़ाई: समाज में जो वर्ग लाचार है, जिसे अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है या जो अन्याय का शिकार है, उसे उसका कानूनी हक और न्याय दिलाना फाउंडेशन की प्राथमिकताओं में शामिल है। संस्था पीड़ित मानवता को संबल देकर समाज में समानता की स्थापना कर रही है।
    राष्ट्र निर्माण में योगदान: जब तक देश का अंतिम व्यक्ति सशक्त नहीं होगा, तब तक राष्ट्र का विकास अधूरा है। मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन शिक्षा, पर्यावरण, संस्कृति की रक्षा और वंचितों को न्याय दिलाकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। समझिए आपका सहयोग क्यों जरूरी है? ‘तन, मन और धन’ से सेवा का सटीक विश्लेषण:

“भूखे को अन्न, प्यासे को पानी, और धूप-बारिश में किसी बेबस को छांव मिल जाए, तो इससे बड़ा संसार में कोई पुण्य नहीं होता। यही हमारी भारतीय संस्कृति की सीख है, यही सच्चा धर्म है और यही मानव सेवा है।”

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मदन सिंह के मार्गदर्शन में मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन दिन-रात समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा में जुटा है। लेकिन यह विशाल यज्ञ आपके सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। इस पुनीत कार्य में आप तीन रूपों में अपनी आहुति दे सकते हैं:
‘तन’ से सेवा (शारीरिक योगदान): आप कार्यक्रम के दिन आयोजन स्थल पर हमारे साथ आकर श्रमदान कर सकते हैं। बच्चों को छतरियों का वितरण सही ढंग से हो और पौधे सही तरीके से लगें, इसमें अपना समय और शारीरिक सहयोग दे सकते हैं।
‘मन’ से सेवा (वैचारिक समर्थन): यदि आप व्यस्तता के कारण खुद नहीं आ पा रहे हैं, तो भी आप इस नेक काम को अपने मित्रों, परिजनों और सोशल मीडिया पर शेयर करके दूसरों को जागरूक कर सकते हैं। किसी को इस धर्म-कार्य के लिए प्रेरित करना भी बहुत बड़ी सेवा है।
‘धन’ से सेवा (आर्थिक सहयोग और डोनेशन): कोई भी बड़ा सेवा कार्य बिना संसाधनों के जमीन पर नहीं उतर सकता। बाजार से अच्छी और मजबूत छतरियां खरीदने तथा पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड की व्यवस्था करने के लिए धन की आवश्यकता होती है। आपका दिया गया एक-एक रुपया सीधे और पारदर्शी तरीके से संपूर्ण मानव जाति के हित में, संस्कृति के उत्थान, पीड़ितों को न्याय दिलाने और प्रकृति के संरक्षण पर खर्च होगा।

हाथ बढ़ाइए, मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन को खुलकर डोनेट कीजिए

आइए, इस बार मानसून में सिर्फ अपने घर की छत न देखें, बल्कि उनकी भी फिक्र करें जिनके सिर पर आसमान खुला है। मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन आपको एक ऐसा पारदर्शी मंच दे रहा है, जहां आपकी गाढ़ी कमाई का अंश सीधे मानवता की सेवा, संस्कृति की रक्षा, पीड़ितों के हक की लड़ाई और राष्ट्र सेवा में लगता है।
अपनी सामर्थ्य के अनुसार खुलकर दान दें और इस अभियान को सफल बनाएं। आपका एक छोटा सा योगदान किसी मासूम के चेहरे पर सच्ची मुस्कान ला सकता है और इस धरा को हरा-भरा बना सकता है।

सहयोग एवं डोनेशन के लिए आधिकारिक माध्यम:

कृपया ऊपर दिए गए क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करके अपनी सहयोग राशि सीधे फाउंडेशन के खाते में सुरक्षित रूप से ट्रांसफर करें।

संस्था का नाम: मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन (MANAVAA KALYANKAREE FOUNDATION)
राष्ट्रीय अध्यक्ष: श्री मदन सिंह
राष्ट्रीय मुख्यालय (Headquarters): मनोर, पालघर, महाराष्ट्र, भारत – ४०१४०३।
आधिकारिक संपर्क नंबर: 9970 227348
आधिकारिक ईमेल आईडी: Manavaakalyankareefoundation@gmail.com

“मानवा कल्याणकारी फाउंडेशन से जुड़ें; भारतीय संस्कृति, राष्ट्र सेवा और संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के इस महा-अभियान के सारथी बनें।”

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---