प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 134वें एपिसोड में देशवासियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने झारखंड के रांची में आयोजित नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का विशेष रूप से उल्लेख किया। पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में लगभग 800 एथलीट्स ने हिस्सा लिया और देशभर से आए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में चार अलग-अलग इवेंट्स में चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे जो भारत के खेल इतिहास के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने गुरिंदरवीर सिंह विशाल टीके तेजस्विन शंकर देव मीणा और कुलदीप कुमार को बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की और इसे युवा शक्ति की नई पहचान बताया।

100 मीटर रेस और खिलाड़ियों की जुगलबंदी पर पीएम का संदेश
पीएम मोदी ने विशेष रूप से 100 मीटर रेस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। केवल दो दिनों के भीतर पुरुषों की 100 मीटर रेस में तीन बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटा जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस उपलब्धि को गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने हासिल किया। मन की बात के दौरान दोनों खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री की टेलीफोनिक बातचीत भी प्रसारित की गई जिसमें उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह एक तरह की जुगलबंदी है जिसमें एक खिलाड़ी दूसरे को चुनौती देता है और रिकॉर्ड टूटते जाते हैं। पीएम ने इसे खेल भावना और प्रतिस्पर्धा की नई मिसाल बताया।
गर्मी और देसी पेयों पर पीएम मोदी की खास सलाह और चर्चा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में बढ़ती गर्मी का जिक्र करते हुए लोगों से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मौसम में पानी पीते रहना और धूप से बचाव बेहद जरूरी है। पीएम ने भारतीय रसोई की परंपराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे गर्मियों में खानपान और पेय पदार्थ बदल जाते हैं। उन्होंने आम पन्ना लस्सी छाछ सत्तू का शरबत कोकम शरबत और बेल पना जैसे देसी पेयों का जिक्र किया जो न केवल स्वादिष्ट हैं बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। पीएम ने कहा कि भारत की यह परंपरा हमारी संस्कृति और स्वास्थ्य ज्ञान दोनों को दर्शाती है।
आम से लेकर चोला साम्राज्य और सामाजिक प्रेरणा की कहानियां
मन की बात में पीएम मोदी ने आम की विविधता और उसकी भारतीय संस्कृति में भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हापुस केसर दशहरी लंगड़ा जर्दालु और बंगनपल्ली जैसे आमों का उल्लेख करते हुए किसानों की मेहनत की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने नीदरलैंड से भारत लौटे चोला काल की ताम्र पट्टिकाओं का जिक्र किया जिन्हें भारत की ऐतिहासिक धरोहर बताया गया। पीएम ने उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के आकाश गुप्ता की कहानी भी साझा की जिन्होंने अपनी पहल से मनोरमा नदी की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास देश में बदलाव की असली ताकत हैं और युवाओं को प्रेरित करते हैं।







