राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र बेहद मजबूत है और इसमें हर तरह की आवाज और विचारों को समायोजित करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पारदर्शी चुनाव और स्वतंत्र मीडिया के कारण और मजबूत होती जा रही है।

जन-आंदोलन और सोशल मीडिया पर टिप्पणी
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आंबेकर ने कहा कि सोशल मीडिया सहित हर माध्यम में अलग-अलग विचार सामने आना लोकतंत्र का हिस्सा है, इसे असामान्य नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े सवाल पर कहा कि इस तरह के राजनीतिक या सामाजिक विचारों को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा समझना चाहिए। उनके अनुसार मीडिया और राजनीतिक संस्थाएं इन्हें संभालने में सक्षम हैं।
युवाओं और जेन-Z पर भरोसा
आरएसएस नेता ने कहा कि भारत के युवा, जिन्हें ‘जेन-Z’ कहा जाता है, अत्यंत आशावादी हैं और देश की व्यवस्था पर उनका भरोसा मजबूत है। उन्होंने कहा कि युवा संवैधानिक ढांचे के भीतर रहकर अपनी भूमिका निभा रहे हैं। आंबेकर के अनुसार लोकतंत्र में उठने वाले हर मुद्दे का समाधान भी लोकतांत्रिक तरीके से ही होता है और इसी प्रक्रिया पर देश को विश्वास रखना चाहिए।
पाकिस्तान और संवाद पर आरएसएस का रुख
पाकिस्तान से बातचीत को लेकर उठे सवाल पर आंबेकर ने कहा कि आरएसएस हमेशा मानता है कि लोगों के बीच संवाद से समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर वार्ता एक राजनीतिक और कूटनीतिक निर्णय होता है, लेकिन लोगों के बीच संपर्क बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का मानना है कि संवाद से संबंध मजबूत होते हैं और धीरे-धीरे कई मुद्दे सुलझ सकते हैं।








